ललितपुर। अतिशय क्षेत्र बालाबेहट में श्रमणाचार्य विशुद्धसागर महाराज की अगुवानी की गई। श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर आचार्यश्री ने कहा कि प्रभु की तरफ देखकर अपनी ओर देखने से सारे विकल्प छूटते हैं और जीवन में शांति की अनुभूति होती है।
आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के बालावेहट पहुंचने की खबर पर निकटवर्ती क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालुओं का पहुंचना प्रारंभ हो गया था। ग्राम भरचा में रात्रि विश्राम के उपरांत आचार्यश्री ने बालावेहट की ओर विहार किया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री की चरण वंदना कर आशीर्वाद ग्रहण किया।
बालावेहट जैन कमेटी के अध्यक्ष सुंदरलाल अनौरा, अजय सराफ, नारायण दादा खिमलासा, मन्नूलाल चिगलौआ, कैलाश बजाज मालथौन, अभिषेक अनौरा, संजय जैन बालावेहट, अनूप सराफ आदि ने आचार्यश्री की बलावेहट में गाजे-बातजे के साथ अगुवाई की।
आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन हेमंत शाह और रत्नेश जैन ने किया। आचार्यश्री को शास्त्र जैन अटा मंदिर के प्रबंधक कपूर चंद
जैन लागौन, संयोजक प्रदीप जैन सतरवांस और अक्षय अलया ने भेंट किया। अतिशय क्षेत्र नवाबगढ़ पंच कल्याणक में सानिध्यता हेतु आचार्यश्री को कमेटी के मंत्री सनत जैन कुम्हैड़ी ने श्रीफल अर्पित किया।
आचार्यश्री की आहारचर्या ग्राम बालावेहट में हुई, जिसमें श्रावकों ने पहुंचकर पुण्यार्जन किया। इसमें प्रमुख रूप से पंकज जैन और संतोष जैन रहे। आहार चर्या के उपरांत आचार्यश्री ससंघ मालथौन की ओर बिहार कर गए।
वहीं, आचार्यश्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन मंदिर हमारे प्राण हैं, जहां समाज के लोग एकत्रित होकर प्रभु की आराधना कर परिणामों को पतित से पावन बनाने के लिए साधना करते हैं। प्रभु से दृष्टि लगाने से सुखानुभूति होती है और जब हटती हे तो राग बढ़ता है।
यदि दुख मिटाना है तो आत्मा से रिश्ता जोड़ना होगा। आचार्यश्री ने कहा कि दिगंबर मुद्रा ही श्रेष्ठ है। जब जग के आडंबर में रहते हैं तो डर रहता है और अशांति का कारण बनता है, जबकि वास्तविक सुख व शांति दिगंबरत्व में ही है।
श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित किया
आचार्य विशुद्धसागर महाराज को ललितपुर की ओर विहार करने के लिए जैन पंचायत के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित कर आग्रह किया। जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने आचार्यश्री से आग्रह किया कि बुंदेलखंड जैन तीर्थों का केंद्र है।
इस अवसर पर प्रदीप जैन सतरवांस, पूर्व अध्यक्ष सुंदर लाल अनौरा, जयकुमार चौधरी, अक्षय अलया, जिनेंद्र सराफ, संतोष गोयल, कोमल दादा, शीलचंद अनौरा, कपूरचंद लागौन, निहाल चंद, प्रेमचंद, वीर चंद सराफ, शिखर चंद सराफ, मनोज जैन खजुरिया, सनत जैन, अनूप सराफ आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
महामंत्री डा. अक्षय टडैया ने बताया कि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज राजस्थान के भीलवाडा जिले से चातुर्मास के उपरांत लगभग 600 किमी का विहार करते हुए आए हैं।
चातुर्मास व्यतीत करने के उपरांत आर्यिका पूर्णमति माताजी का ससंघ पिच्छिका परिवर्तन समारोह 13 दिसंबर को दिन में एक बजे से श्री क्षेत्रपाल मंदिर में मनाया जाएगा। स्वयं सेवी संस्थाए और जैन पंचायत के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं।