ललितपुर। सहालग के सीजन में विवाह घरों में बहार आ गई है। यह विवाह घर अंदर से भले ही मेंटेन नजर आ रहे हों, पर इनके आसपास गंदगी व्याप्त है। विवाह घर में होने वाली दावत का कचरा बाहर फेंक दिया जा रहा है। इससे नगर के लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई का श्रमदान कार्य किया जा रहा है। नगर पालिका इसके लिए विशेष ध्यान दे रही है। लेकिन, विवाह घरों में सहालग का सीजन चलने के कारण आए दिन विवाह घरों में रौनक छा रही है।
शहर में दो दर्जन के आसपास विवाह घर हैं। इसमें इनमें प्रतिदिन एक से दो शादियां हो रही हैं। इन शादियों में खाने के समय प्लास्टिक के गिलास, दौना, पत्तल आदि सामग्री का भी उपयोग किया जा रहा है। उपयोग करने के बाद इस कचरे को खुले में फेंक दिया जाता है। इतना ही नहीं, गंदगी के साथ-साथ प्लास्टिक की सामग्री को विवाह घरों के आसपास ही फेंका जा रहा है।
हैरानी की बात है कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा है, लेकिन विवाह घर संचालकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। पूर्व में नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इन विवाह घरों को खुले में कचरा नहीं फेंकने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। विवाह घरों ने नोटिस के जवाब में कचरा को निर्धारित स्थल पर पहुंचाने की बात कही थी, लेकिन स्थिति इसके विपरीत है।
ज्यादातर विवाह घर अपने आसपास ही खाद्य पदार्थों का कचरा और प्लास्टिक सामग्री फेंक रहे हैं। यह सामग्री इतनी बदबू फैला रही है कि पास से निकलना मुश्किल हो रहा है। लेकिन, विवाह घर संचालक और इस पर लगाम लगाने वाले अफसर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन का कोई मतलब नहीं रह जाता है।
जुर्माना लगाया जा सकता है जुर्माना
नगरीय सीमा में स्थित विवाह घर यदि अपना कचरा नियत स्थान पर नहीं डालते अथवा निस्तारण नहीं करते हैं तो नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत इन पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। लेकिन, इस गंदगी की ओर जिम्मेदार अफसरों का कतई ध्यान नहीं है।
हालातों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक किसी विवाह घर के खिलाफ गंदगी फैलाने के मामले में नगर पालिका की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। नोटिस देकर अफसर अपनी जिम्मेदारी को पूरा मान लेते हैं और विवाह घर संचालक भी कागजों में कचरा फेंकने की बात कहकर प्रकरण को शांत कर देते हैं।
प्लास्टिक कचरा बीन रहे बच्चे
विवाह घरों के आसपास प्लास्टिक कचरा फेंका जा रहा है। इससे न सिर्फ आसपास का क्षेत्र गंदा हो रहा है, बल्कि प्लास्टिक की सामग्री को छोटे-छोटे बच्चे बीन रहे हैं। सुबह से शाम तक ऐसे बच्चों को देखा जा सकता है।