संवाद न्यूज एजेंसी तालबेहट (ललितपुर)। नगर पंचायत तालबेहट में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जल संस्थान की पानी की टंकी और स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) की बीते पांच वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है, जबकि इसी पानी की सप्लाई 20 हजार से अधिक आबादी को की जा रही है। टंकी और सीडब्ल्यूआर पर अंकित तिथियां जून 2020 की हैं, जो सीधे तौर पर मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही को उजागर करती हैं।
नगर पंचायत क्षेत्र में जल संस्थान द्वारा एक पानी की टंकी, एक स्वच्छ जलाशय और चार ट्यूबवेल के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इससे नगर पंचायत क्षेत्र के साथ-साथ सीमा से सटे खांदी के कुछ मजरों में भी पानी पहुंचाया जाता है। कुल 4536 नल कनेक्शनों के जरिए करीब 22 हजार लोग इसी पानी पर निर्भर हैं। नियमों के अनुसार प्रत्येक छह माह में टंकी और जलाशय की सफाई अनिवार्य है, लेकिन यहां यह प्रक्रिया वर्षों से ठप पड़ी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नलों से दूषित और बदबूदार पानी आने की शिकायत की गई, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लापरवाही की यह स्थिति भविष्य में किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा का कारण बन सकती है।