ललितपुर। पितृ पक्ष के पावन अवसर पर सनातन धर्म सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं महायज्ञ का शुभारंभ बुधवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक जयघोष और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
राघव जी बड़ा मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं, वहीं श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधारानी के जयकारे लगाए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा कलश यात्रा का स्वागत किया गया। कथा स्थल मुरली मनोहर मंदिर पहुंचकर मुख्य यजमान अजय तिवारी नीलू, ऋचा तिवारी, वरुण यामिनी तिवारी ने विधिवत पोथी पूजन किया। आचार्य बद्री पाठक के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों ने पूजन कराया।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर व्यास राम शास्त्री रावतपुरा ने श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि पितृ पक्ष में आयोजन पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को धर्म, संस्कार, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह समाज में आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करती है। साथ ही, संस्कार और आपसी सद्भाव का माध्यम भी है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कहा कि यह सनातन संस्कृति और जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों को भी उजागर करती है। इस अवसर संदीप तिवारी,आनंद दीक्षित,राजीव बबेले, अनिल शुक्ला, अरविंद शुक्ला,डॉ दीपक चौबे,श्यामाकांत चौबे,शिवनारायण चौबे,रानी शुक्ला, कीर्ति रावत शैलजा पटेरिया आदि मौजूद रहे।