ललितपुर। विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम मसौरा कलां के सभी स्कूल प्रधानाध्यापक विहीन हैं, जिससे स्कूल की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं, जहां खाता परिवर्तन के अभाव में रसोइयों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है, वहीं पठन-पाठन भी प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रहा है।
प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन 13 फरवरी को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम मसौरा कलां को तैयार किया जा रहा है। पिछले दिनों मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने चौपाल लगाकर तमाम कमियां पकड़ी थीं। उन्होंने विद्यालय में प्रधानाध्यापक की तैनाती के निर्देश बीएसए को दिए थे। इसके बाद भी विद्यालय प्रधानाध्यापक विहीन बने हुए हैं।
इसी ग्राम का प्राथमिक विद्यालय देहरे बस्ती भी अस्थायी व्यवस्था में संचालित है। पहले चुनाव के कारण मानदेय अटका रहा, अब मिड-डे मील खाते का परिवर्तन बड़ी बाधा बना हुआ है। रसोइया उमा ने आठ महीने से मानदेय नहीं मिलने की शिकायत तहसील दिवस में एसडीएम सदर से की थी। उसका कहना है कि मानदेय के अभाव में जीविकोपार्जन करना कठिन हो गया है।
गौरतलब है कि प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ड्रेस वितरण के मामले में निलंबित चल रही हैं। बीएसए ने ड्रेस वितरित करने के आरोप में दोनों स्कूल की प्रधानाध्यापिकाओं को निलंबित कर दिया था।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका अनुराधा देवलिया ने खाता परिवर्तन करा लिया है। अब प्राथमिक विद्यालय के खाते की बारी है। खाता परिवर्तन होते ही रसोइयों को मानदेय उपलब्ध करा दिया जाएगा। जहां तक प्रधानाध्यापक की बात है तो इसका निर्णय बीएसए को करना है।
- आभा अग्रवाल
खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा