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अस्थाई ड्यूटी का मकड़जाल नहीं हो पाया साफ

Mon, 11 Jan 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। परिषदीय स्कूलों व कार्यालयों में फैले शिक्षकों के संबद्धीकरण का मकड़जाल समाप्त नहीं हो पा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसे छिन्न-भिन्न करने में पसीने छूट रहे हैं। तमाम शिक्षक व शिक्षिकाएं वेतन रोकने का आदेश जारी होने के बाद भी अस्थाई ड्यूटी पर डटे हैं।
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बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन 1,049 प्राथमिक और 492 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें कार्यरत अनेक शिक्षक व शिक्षिकाओं को दूरदराज के विद्यालयों में तैनाती मिली है। तमाम शिक्षक व शिक्षिकाओं ने दूरस्थ अंचलों में जाने से बचने के लिए विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से जनपद एवं ब्लाक मुख्यालय के इर्द- गिर्द के विद्यालयों में संबद्घीकरण करा लिया है। कोई मिड डे मील की फीडिंग तो कोई शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्य को पूरा कराने के बहाने ब्लाक एवं जिला कार्यालय में डटे हुए हैं।

कई खंड शिक्षा अधिकारी तो अपने क्षेत्रों से अस्थाई ड्यूटी समाप्त किए जाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, छापेमारी में हकीकत कुछ ही सामने आ रही है। ब्लाक महरौनी व जखौरा में अनुदेशक से लेकर शिक्षक व शिक्षिकाएं मूल विद्यालय से हटकर स्कूल में या फिर ब्लाक कार्यालय में पाए गए।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने मूल विद्यालय नहीं जाने वाले शिक्षक व शिक्षिकाओं का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। इसके बाद भी तमाम शिक्षक व शिक्षिकाएं शिक्षण कार्य से दूर बने हैं। इधर, सीरोनकलां के ग्रामीणों ने बीएसए से प्राथमिक विद्यालय सीरोनकलां की शिक्षिका की अस्थाई ड्यूटी समाप्त करने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय सीरोनकलां की शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय सिलगन कछयाना में अस्थाई ड्यूटी पर डटी हैं। जिससे सीरोनकलां स्कूल की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यह अकेला विद्यालय नहीं है, इस तरह के तमाम स्कूलों की स्थिति बनी हुई है। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी पर्दा डाल रहे हैं, जिससे अस्थाई ड्यूटी का मकड़जाल समाप्त नहीं हो पा रहा है।
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