संवाद न्यूज एजेंसी
अर्जुनखिरिया/ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम अर्जुन खिरिया में तालाब के सुंदरीकरण के नाम पर भले ही लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन वर्तमान में तालाब में पानी सूख गया है। इससे जानवरों को पानी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं किसानों को भी जायद की फसल की सिंचाई की समस्या हो गई है। इससे अब जानवर गांव के लिए आ रहे हैं।
गांव के तालाब का बीते वर्ष सुंदरीकरण का कार्य किया गया था। बेंच स्थापित कराने के साथ ही अन्य विकास कार्य किए गए थे। वहीं तालाब पर लगभग 250-300 पौधे लगाए गए थे। लेकिन देखरेख के अभाव में पौधे नष्ट हो गए। अब तालाब पर एक भी पौधा नजर नहीं आ रहा है। वर्तमान में तालाब का पानी पूरी तरह से सूख गया है। इसमें अब महज घास ही उग आई है।
तालाब का गहरीकरण न होने से पानी का संकट हो गया है। अब स्थिति यह है कि तालाब में आने के बाद जानवर पानी के लिए गांव में पहुंच रहे हैं। वहीं, पानी न होने से किसानों को फसल की सिंचाई का संकट हो गया है। इससे किसान भी पेरशान हैं। किसानों का कहना है कि तालाब का गहरीकरण होता तो पानी की सुविधा हो जाती। ग्रामीणों ने मांग की है कि तालाब के पास से निकली जामनी बांध की नहर से तालाब तक एक गूल बनाकर पानी भरा जाए। इससे जानवर व पक्षियों को पानी की सुविधा हो जाएगी।