चुनावी बिगुल बजने के बाद से जनपद की राजनीति में रोज नए-नए घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को कई अप्रत्याशित घटनाओं से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। जहां पूर्व मंत्री भगत राजा द्वारा गाड़ियों की अनुमति के लिए आवेदन करना, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल द्वारा फार्म खरीदने से सदर विधानसभा के समीकरण फिर से बनने बिगड़ने लगे हैं। वहीं, महरौनी विधानसभा से कांग्रेस के सिंबल पर पूर्व राज्य सभा सांसद बृजलाल खाबरी द्वारा पर्चा खरीदने से यहां भी नए समीकरण सामने आ रहे हैं।
अभी तक समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर पिछले दस महीने से रमेश खटीक बतौर प्रत्याशी प्रचार में जुटे हैं। विधानसभा चुनाव के लिए दोनों सीटों पर सभी प्रमुख पार्टियों ने अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। महरौनी सीट सुरक्षित होने के बाद सामान्य वर्ग के निशाने पर सदर सीट थी। सदर सीट से सभी पार्टियों ने पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले प्रत्याशी उतारे हैं। जनपद की राजनीति में अहम दखल रखने वाले बुंदेला परिवार को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जहां समाजवादी पार्टी से पूर्व सांसद सुजान सिंह बुंदेला के पुत्र गुड्डु राजा की टिकट कट गई, वहीं भाजपा में टिकट के प्रबल उम्मीदवार रहे पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला भगत राजा की जगह रामरतन कुशवाहा को टिकट मिल गई। ऐसी स्थिति में बुंदेला परिवार की भूमिका चुनाव में क्या रहेगी, इसको लेकर कयास जारी है। पूर्व मंत्री भगत राजा के निवास पर बुधवार को एक बैठक बुलाई गई है। पूर्व मंत्री की चुनाव में क्या भूमिका होगी, इस बैठक के बाद यह तय होने की आशा जताई जा रही है। वहीं, परिवहन कार्यालय में पूर्व मंत्री की ओर से छह गाड़ियों की अनुमति के लिए आवेदन किया है। गाड़ियों के उपयोग का मकसद निर्वाचन बताया गया है। इससे चुनाव में पूर्व मंत्री की भूमिका को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं, बुधवार को उनके निवास पर होने वाली बैठक से भी सभी प्रत्याशियों में बेचैनी देखी जा रही है। भाजपा सहित अन्य पार्टियों की बुधवार को होने वाली बैठक पर नजर रहेगी। अगर पूर्व मंत्री चुनाव में उतरने का निर्णय लेते हैं, तो प्रत्याशियों व पार्टियों को नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।
नगर पालिका अध्यक्ष ने खरीदे दो पर्चे
मंगलवार को जिले की राजनीति में सबसे चर्चित कदम नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल द्वारा दो पर्चा खरीदना रहा। समाजवादी पार्टी में शामिल सुभाष जायसवाल ने एक पर्चा कांग्रेस तो दूसरा पर्चा निर्दलीय के तौर खरीदा है। नगर पालिका अध्यक्ष कांग्रेस से सदर सीट मांग रहे हैं, उनका कहना है, कि अगर पार्टी सिंबल देती है तो कांग्रेस के चिन्ह पर चुनाव लड़ा जाएगा। पार्टी का सहयोग न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर ताल ठोंक सकते हैं। नगर पालिका के चुनाव में बंपर जीत दर्ज करने वाले सुभाष जायसवाल पिछले चार साल से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगे हुए थे। पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी से टिकट की कोशिश की, वहां से हरी झंडी न मिलने के कारण उन्होंने कांगेस का दामन थाम लिया है। देखना दिलचस्प होगा कि सुभाष जायसवाल को कांग्रेस अपना प्रत्याशी बनाती है या फिर वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में रहेंगे।
बृजलाल खाबरी ने महरौनी के लिए पर्चा लिया
बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सांसद बृजलाल खाबरी ने महरौनी सुरक्षित सीट से कांग्रेस पार्टी के नाम पर मंगलवार को पर्चा खरीदा है। जबकि पिछले दस महीने से महरौनी विधानसभा सीट पर बतौर सपा प्रत्याशी रमेश खटीक प्रचार कर रहे हैं। बृजलाल खाबरी को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए सपा की स्थानीय इकाई द्वारा गठबंधन में कांग्रेस को महरौनी सीट देने का विरोध भी शुरु हो गया है। सपा के स्थानीय लोगों का कहना है, कि उनकी सरकार ने महरौनी विधानसभा में दो नई तहसीलों का निर्माण कराया है। दो नई तहसील बनने से क्षेत्र के मतदाता उनके साथ है और पार्टी की स्थिति मजबूत है। ऐसे में यहां से पार्टी का ही प्रत्याशी उतारा जाना चाहिए।