रविवार दोपहर मऊरानीपुर रेलवे क्रॉसिंग गेट नंबर 391 पर बने ओवरब्रिज से कूदकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। जानकारी होने पर बड़े हनुमान क्षेत्र निवासी भजन लाल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने बेटे अशोक के रूप में की थी।
जिसे मृत समझकर परिजनों में चीख-पुकार मची हुई थी, वह अचानक सकुशल घर पहुंच गया। इससे मातम कर रहे परिजनों में अचानक खुशी की लहर दौड़ गई। यह मामला मऊरानीपुर में दिन भर सुर्खियों में बना रहा।
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रविवार दोपहर मऊरानीपुर रेलवे क्रॉसिंग गेट नंबर 391 पर बने ओवरब्रिज से कूदकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। हादसे की सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। जानकारी होने पर बड़े हनुमान क्षेत्र निवासी भजन लाल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने बेटे अशोक के रूप में की। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे मोर्चरी में रखवा दिया। शाम होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। यहां परिवार सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ था।
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इसी बीच देर रात अचानक अशोक घर के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ। उसे देख पहले तो वहां मौजूद सभी लोग कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। लेकिन, बाद में उसे सकुशल देख सभी के चेहरे खिल उठे। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी ने सुबह अशोक के बयान दर्ज किए।
पिता भजन लाल ने बताया कि शव का चेहरा बेटे अशोक से हूबहू मिल रहा था, जिससे वह धोखा खा गया। ईश्वर का लाख-लाख शुक्र है कि बेटा जिंदा है। वहीं, अशोक ने बताया कि वह काम की तलाश में दिल्ली गया था, लेकिन वहां काम नहीं मिला। इसलिए वह घर लौट आया।