संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग भले ही देश को टीबी मुक्त करने के लिए अभियान चला रहा हो, लेकिन जिले में क्षय रोग की चपेट में महिलाएं व बच्चे भी आ रहे हैं। हद तो तब हो गई, जब तीन वर्ष में क्षय रोग से ग्रसित बच्चों की संख्या तीन गुना हो गई है। यही नहीं महिला मरीजों की संख्या में भी 300 की वृद्धि हुई है।
जनपद में स्वास्थ्य विभाग के क्षय रोग की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। यहां पर संभावित रोगियों की जांच तक के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जिले के छह सीएचसी में तीन पर एक्स-रे जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीज मुख्यालय पर स्थित जिला क्षय रोग केंद्र पर पहुंच रहे हैं। यहां पर भी टेक्नीशियन के अभाव में डिजिटल एक्स-रे जांच ठप है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में दवा वितरण की जा रही है। इसके बाद भी जिले में क्षय रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें बच्चों के क्षय रोग की चपेट में आने की संख्या कई गुना रफ्तार से बढ़ रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में 39 बच्चे क्षय रोगी थे, जिनकी संख्या वर्ष 2023 में बढ़कर 108 हो गई है। वहीं वर्ष 2024 में संख्या 143 पहुंच गई है। तीन वर्ष में महिलाओं की संख्या 1056 से बढ़कर 1315 हो गई है।
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तीन वर्ष में क्षय रोगियों का आंकड़ा
वर्ष - बच्चे - महिला - पुरुष - कुल
2022 - 39 - 1056 - 1385 - 2480
2023 - 108 - 1154 - 1394 - 2656
2024 - 143 - 1315 - 1659 - 3117
वर्जन
क्षय रोग को देश से मुफ्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें घर-घर स्क्रीनिंग कर रोगी खोजे गए हैं। इससे मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
-डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी