- लोग लकड़ी के चूल्हे जलाने को मजबूर, सिलिंडर किल्लत से बढ़ी परेशानी, लकड़ी के दाम भी चढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवारा। खाड़ी देशों में जारी तनाव का असर अब गांव-कस्बों तक पहुंच गया है। एलपीजी सिलिंडर की किल्लत ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शहरों के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी लोग गैस के लिए भटक रहे हैं। स्थिति यह है कि कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन घरों में देखने को मिल रही है, जहां शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजन होने वाले हैं। 15 अप्रैल से शुरू हो रहे विवाह सीजन को लेकर परिवार पहले से तैयारियों में जुटे थे, लेकिन सिलिंडर की कमी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कई लोग समय पर गैस न मिलने से भट्ठी और चूल्हे का सहारा लेने को मजबूर हैं।
लकड़ी की मांग बढ़ी, कीमतों में उछाल
गैस की कमी का सीधा असर लकड़ी के बाजार पर पड़ा है। शादी वाले घरों में लकड़ी की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दो महीने पहले जहां लकड़ी 450 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही थी, अब इसकी कीमत बढ़कर करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है।
भंडारे में भी चूल्हे का सहारा
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लोगों की जुबानी
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26 अप्रैल को बेटी की शादी है, करीब दस सिलिंडर की जरूरत है, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पा रही। अब लकड़ी पर खाना बनवाना पड़ेगा। - भानसिंह यादव, पुलवारा
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शादी में बरात आनी है, लेकिन गैस की कमी के कारण अब बरातियों की संख्या कम करने की बात करनी पड़ रही है। - हनुमत लोधी, पुलवारा
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25 अप्रैल को शादी है, लेकिन सिलिंडर न मिलने से भोजन व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। - रामकिशोर सेन, बार
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बेटे की शादी है, गैस नहीं मिल रही तो लकड़ी खरीदने गए, लेकिन उसके दाम भी बढ़ गए हैं। अब खेतों से लकड़ी जुटाकर काम चलाना पड़ेगा।- मंगल सिंह, बार
सिलिंडर न मिलने पर चूल्हों पर बना भंडारे का भोजन
महरौनी। तहसील क्षेत्र के ग्राम कुम्हैड़ी में प्रभात फेरी निकालने वाली टोलियों के स्वागत में ग्रामवासियों ने भंडारे का आयोजन किया। गैस सिलिंडर उपलब्ध न होने के कारण भोजन चूल्हों पर तैयार किया गया।सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के 31 गांवों की प्रभात फेरी टोलियां कुम्हैड़ी पहुंचीं। गांववासियों ने टोलियों में शामिल पुरुषों व महिलाओं का अपने-अपने घरों पर स्वागत कर जलपान कराया, इसके बाद मंदिर परिसर में भंडारा प्रसाद वितरित किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि सिलिंडर की किल्लत के चलते चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ा। स्वागत करने वालों में मुकेश श्रीवास्तव, नारायण राजा, बलराम निरंजन, प्रभु मंगरा और रानू पलया समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद