ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान न होने से युवाओं की खेल प्रतिभा दम तोड़ रही थी। इस मुद्दे को ‘अमर उजाला’ ने उठाया तो डीएम के निर्देश पर मनरेगा के तहत खेल मैदान निर्मित कराने का कार्य शुरू हुआ। पहले चरण में 111 खेल मैदान बनकर तैयार हो चुके हैं और गांव का युवा यहां आकर अपनी खेल प्रतिभा निखार रहा है।
जनपद में तीन तहसील, छह ब्लॉक और 415 ग्राम पंचायतें हैं। यहां की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 12 लाख है। खेल के संसाधन के नाम पर शहर में सिर्फ एक मिनी स्टेडियम बना हुआ था। ग्रामीण व कस्बा क्षेत्रों में कोई खेल का मैदान न होने से यहां की खेल प्रतिभा दम तोड़ रही थी। वर्ष 2023 व 2024 में अमर उजाला ने विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की इस समस्या को लेकर समाचार प्रकाशित किया। युवाओं ने जिला प्रशासन से खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग की। इस मुद्दे को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया और खेल मैदान के लिए जमीन चिह्नित कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद मनरेगा के तहत खेल के मैदान निर्मित कराने की कार्ययोजना तैयार की गई थी। एक खेल मैदान की औसत लागत करीब 17-18 लाख रुपये रखी थी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मनरेगा के तहत इन खेल मैदानों का निर्माण कराया गया। इन खेल मैदानों में क्रिकेट पिच, एथलेटिक्स ट्रैक बनाए गए हैं। पहले चरण में करीब 111 खेल मैदान बनकर तैयार हो चुके हैं।
52 गांवों में भूमि हुई चिह्नित, जल्द होगा निर्माण
दूसरे चरण में खेल मैदान बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्व विभाग ने 52 गांवों में खेल मैदान बनाने के लिए भूमि चिह्नित कर लिया है और इसकी पैमाइश करते हुए कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। जल्द ही इस भूमि पर खेल मैदान बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
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30 हजार की आबादी के लिए शुरू हुई पेजयल आपूर्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में विस्तार में भी ‘अमर उजाला’ की मुहिम काम आई। नेहरूनगर क्षेत्र की 20 हजार से अधिक की आबादी में पेयजल आपूर्ति शुरू हो गई है। वहीं 1.23 लाख की आबादी को पानी की सुविधा के लिए अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत निर्माण किया जा रहा है। दिसंबर 2026 तक पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
शहर में लंबे अर्से बाद भी पेजयल आपूर्ति व्यवस्था का विस्तार नहीं हो सका था। रेलवे लाइन की दूसरी ओर व चांदमारी क्षेत्र में पानी का संकट विकराल था। मार्च की शुरुआत में जलस्तर गिरने से पानी की किल्लत शुरू हो जाती थी, मई व जून व जुलाई में लोगाें को दूर से पानी लाना पड़ता था। अमर उजाला ने इसे मुद्दा बनाकर समाचार प्रकाशित किए, जिसके बाद नेहरूनगर पेजयल परियोजना बनाई गई। लगभग 44 करोड़ की लागत से 6444 परिवारों के लिए पानी की सुविधा की गई। अब जुगपुरा, नेहरूनगर, सिद्दनपुरा व चांदमारी आदि मोहल्लों में पेयजल संकट दूर हो गया है।
वहीं, शहर में लगभग आधा दर्जन मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति की सुविधा नहीं हो सकी थी। कुछ वार्डों में पाइपलाइन के बाद भी पानी नहीं मिल रहा था। इस समस्या से एक लाख से अधिक की आबादी जूझ रही थी। अमर उजाला ने लगातार मुद्दा बनाकर इसे प्रकाशित किया। इसके बाद जल निगम ने सर्वे किया। पेयजल आपूर्ति से 23665 परिवारों के लिए अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत कार्ययोजना तैयार की गई। शासन ने 143 करोड़ से कार्य के लिए स्वीकृति दी। वर्तमान में इस परियोजना का कार्य चल रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत की गई। दो टंकियों का निर्माण किया जा रहा है। राइजिंग लाइन व डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कार्य तीव्र गति से चल रहा है। वर्ष 2026 के अंत में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।