बार (ललितपुर)। ब्लॉक के ग्राम चंदावली के पास दुनातर धाम स्थित संगम नदी पर एक माह पहले 12 लाख रुपये की लागत से तैयार घाट पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया। नदी पार कर आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बार क्षेत्र के ग्राम चंदावली के पास स्थित सजनाम और जामनी नदी के संगम स्थल पर प्रसिद्ध शिवमंदिर है। यहां मकर संक्रांति पर मेले में बार और तालबेहट ब्लॉक के पठा पचौड़ा, तुर्का, खैरा, कठवर, मावल, चुनगी, धनगौल, गैदोरा, सहित मध्य प्रदेश के ग्राम डारा, टपरियन, मस्तापुर, टौरिया, लखैपुर, मालपीथा आदि गांवों से तीन से चार हजार श्रद्धालु नदी पार कर घाट के रास्ते ललितपुर आते हैं। इसके चलते वर्षों से यहां घाट के निर्माण की मांग चल रही थी।
जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन ने सजनाम नदी पर घाट का निर्माण मई में कराया। घाट के लिए चौदह मीटर चौड़ी 14 सीढ़ियों का निर्माण किया था। इस घाट के निर्माण से लोगों को आने जाने में काफी आसानी हो गई थी, लेकिन घटिया गुणवत्ता के चलते यह घाट एक माह भी नहीं टिक सका और पहली ही बारिश में टूट गया। अब स्थानीय लोगों में आक्रोश है और इसकी जांच की मांग की जा रही है। इसके साथ ही घाट के क्षतिग्रस्त होने पर इसके भ्रष्टाचार की कलई भी खुल गई है।
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लाखों का बजट खर्च होने के बाद घाट टूटने का मुख्य कारण घटिया निर्माण है। घाट की सीढ़ियों के निर्माण के समय कार्यदायी संस्था से उसमें लगाए जा रही सामग्री के बारे में कई बार कहा गया, लेकिन गिट्टी, सीमेंट और बालू की जगह मिट्टी से घाट की सीढ़ियाें का भराव किया गया। इसी कारण यह घाट एक माह में ही टूट गया।
-नेकपाल सिंह राजपूत, ग्राम प्रधान।
मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग
ग्राम मर्रोली निवासी अधिवक्ता कमलेश लोधी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया कि सजनाम नदी पर दुनातर घाट के निर्माण में भारी अनियमितताएं की गईं। हाल में निर्मित यह घाट कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गया। यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि श्रद्धालुओं की जान को खतरे में डालने जैसा है। अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री से घाट निर्माण में हुई अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।
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घाट का निर्माण अभी पूर्ण नहीं हुआ है। उस पर रेलिंग सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। काम पूर्ण होने के बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा।-कैलाश निरंजन, अध्यक्ष जिला पंचायत