ललितपुर। जिले में बाघ की पुष्टि होने पर उनकी गतिविधि पर नजर रखने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने 20 कैमरे जिले में भेजे थे, जो वापस चले गए हैं। इन कैमरों को विशेषकर बाघ की गतिविधि देखने के लिए भेजा गया था।
जैव विविधता के अध्ययन के लिए जंगलों में 18 ट्रैप कैमरे गौना व मड़ावरा रेंज में लगाए गए थे। इन कैमरों में एक वर्ष पूर्व जुलाई में बाघ के जोड़े की तस्वीर कैद हुई थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई, फिर अगस्त में इन कैमरों को चेक किया गया, जिसमें एक बार फिर बाघ की तस्वीरें आईं। जब इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई, तो बाघ का इलाका जानने के लिए वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने 20 कैमरों को जनपद में भेजा। इन कैमरों को वहां लगाया गया, जहां बाघ की तस्वीरें कैद हुई थीं। छह माह तक इन कैमरों में कोई तस्वीर कैद नहीं हुई तो डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इन कैमरों को वापस ले गया। संवाद