ललितपुर। पंच कल्याणक महोत्सव में प्रतिष्ठित हुई नवदेवता की प्रतिमा नया जैन मंदिर में विराजमान हो गई। प्रतिमा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। यह प्रतिमा बुंदेलखंड में जैन श्रद्धालुओं की पहली प्रतिमा है।
जैन अटा मंदिर से शोभायात्रा के साथ प्रतिमा को जयकारों के बीच श्रद्धालु दिगंबर जैन पार्श्वनाथजी नया मंदिर ले गए, जहां विधिविधान पूर्वक विराजमान कराया गया। नवदेवता प्रतिमा को प्रतिष्ठित कराने का भाव सेवानिवृत्त अध्यापिका इमरती बाई को आया था। प्रतिष्ठाचार्य संतोष जैन अमृत ने विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन कराया। श्रीजी का अभिषेक प्रेमचंद जैन, प्रकाश चंद, सुदेश कुमार गुरसौरा, सुरेश जैन, त्रिलोक चंद, सुनील जैन, गुलाब चंद, राजीव जैन कैलवारा, सुभाष जैन, शिखरचंद जैन मिठया और अशोक जैन मालथौन ने किया।
जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने नवदेवता की प्रतिमा की स्थापना को गौरव के क्षण बताया और कहा यह भक्तों के लिए पूजन-अर्चन में साधक होगी।
इस मौके पर डा. अक्षय टडैया, प्रदीप जैन सतरवांस, अक्षय अलया, मनोज जैन बबीना, शीलचंद जैन अनौरा, विजय जैन, अजय बरया, संजीव नायक, गैंदालाल सतभैया, जिनेंद्र जैन, रामप्रकाश जैन, निर्मल कुमार जैन, कल्याण चंद जैन, विमल जैन सुमंत जैन, अखिलेश जैन गदयाना, महेंद्र, सुनीता, पुष्पेंद्र जैन अनौरा, अजय जैन, जिनेंद्र जैन रजपुरा, महेंद्र चौधरी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके उपरांत नवदेवता की प्रतिमा के सम्मुख शांति विधान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अखंड भक्तांबर पाठ की तीसरी वर्षगांठ आज
श्री क्षेत्रपाल मंदिर के प्रबंधकद्वय राजेंद्र जैन थनवारा और पार्षद मोदी पंकज जैन ने बताया कि मुनिपुंगव सुधा सागर महाराज के आशीर्वाद से नगर में चल रहे अखंड भक्तांबर पाठ की तीसरी वर्षगांठ तीन दिसंबर को आर्यिका पूर्णमति माताजी के सानिध्य में संपन्न होगी।
इस दौरान प्रात: सामूहिक संगीतमय पूजन के साथ 48 पुण्यार्जक परिवारों द्वारा शांतिधारा और भक्तांबर विधान होगा। रात्रि में 1,008 दीपों से संगीतकार जिनेंद्र जैन विरधा वालों द्वारा सामूहिक आरती की जाएगी।