ललितपुर। किसानों ने अफसरों की गैरमौजूदगी के कारण किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। किसान नेताओं का आरोप है कि किसान दिवस के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है। इससे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
महीने के हर तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया जाता है, जिसमें किसानों की समस्याओं का समाधान होता है। बुधवार की सुबह विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन शुरू हुआ तो अनेक विभागों के अफसर मौजूद नहीं थे। इस पर किसान नेताओं ने नाराजी व्यक्त की। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि कई महीनों से किसान दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें किसानों द्वारा समस्याएं रखने के बाद भी उनका समाधान नहीं हो पा रहा है। यही नहीं, किसान दिवस में अनेक अफसरों की गैरमौजूदगी रहती है। आज भी ऐसा ही हुआ, जिस कारण उन्हें किसान दिवस का बहिष्कार करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बीस सितंबर को जनपद भ्रमण पर आ रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से शिकायत करने की बात कही है। प्रदर्शन में कीरत सिंह यादव, रतन सिंह लोधी, जीतेंद्र सिंह, राजपाल यादव, प्रमोद कुमार, मनोहर पटेल, देशराज पटेल, रामदास आदि उपस्थित रहे।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानु) गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाते हुए कहा कि खरीफ फसल पीला मौजेक रोग के कारण खराब हो गई है। गत वर्ष की रबी फसल अतिवृष्टि में बरबाद हो गई थी, जिसका अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। इस मामले में जिला प्रशासन की मनमानी किसानों को अखर रही है। मजबूरन, किसानों को बहिष्कार करना पड़ रहा है। इस दैरान नरेश पाठक, जीतू राजा, केहर सिंह, रामलाल, सुरेश टोंटे, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। भारतीय किसान संघ भी किसान बहिष्कार में शामिल रहा।
उधर, उप कृषि निदेशक हंसराज ने बताया कि किसानों ने किसान दिवस में फसल बीमा, सुम्मेरा तालाब की पाइप लाइन सुधरवाने, खराब फसल का सर्वे कराने, जनपद को सूखाग्रस्त करने, जेपीसी से गोविंद सागर बांध भरने की आदि की मांग रखी थी। अधिशासी अभियंता विद्युत की गैरमौजूदगी पर किसानों ने नाराजी जताई। इस पर सीडीओ अरुण कुमार उपाध्याय ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की हिदायत दी है।
किसान दिवस में कुछ किसान नेता उठकर चले गए थे और कुछ किसान बैठे रहे, जिन्होंने अपनी समस्याएं रखी।- अरुण कुमार उपाध्यायसीडीओ ललितपुर