- 25 साल पहले हुआ था चेकडैम का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिरधा। बिरधा ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरिया और पिपरिया डोंगरा में निर्मित चेकडैम जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गए हैं। जिससे इनकी क्षमता के अनुरूप पानी संरक्षित नहीं हो पा रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
यह चेकडैम वर्ष 2000 में लघु सिंचाई विभाग ने बनाए थे। इनकी मरम्मत तक नहीं की गई है, पिपरिया डोंगरा में 25 साल पुराना चेकडैम अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है, किसानों का कहना है कि इन दोनों चेकडैम से करीब डेढ़ से दो सौ एकड़ की सिंचाई होती थी। लेकिन इन दोनों चेकडैम के नालों में छह से सात फीट सिल्ट जम गई है, साथ ही इसमें रिसाव भी होने लगा है, जिससे इन चेकडैम में पानी का भराव नहीं हो पा रहा है, अब किसानों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। लघु सिंचाई विभाग ने ग्रामीण इलाकों में चेकडैम का निर्माण कराया। जिससे किसानों की सिंचाई हो सके, लेकिन रखरखाव के अभाव में कई चेकडैमों की हालत खराब हो गई है। ऐसे ही चेकडैम ग्राम पंचायत उमरिया व पिपरिया डोंगरा में है। जो एक समय में किसानों को सिंचाई में सहायक साबित हो रहे थे। तो वहीं, अब इनसे एक सिंचाई भी अच्छी तरह से नहीं हो पा रही है।
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पहले इन चेकडैमों के भराव से सैकड़ों एकड़ जमीन सिंचित की जाती थी, लेकिन चेकडैम की मरम्मत नहीं हो पाई, जिससे किसानों की अब सिंचाई नहीं हो पा रही है।
भूपेंद्र सिंह, किसान, पिपरिया डोंगरा
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नालों में सिल्ट जम गई है। चेकडैम में पानी नहीं रुक पा रहा है, जिससे अब न के बराबर सिंचाई हो रही है।
शैलेंद्र राजा, पिपरिया डोंगरा
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कई साल पहले यह चेकडैम बनाए गए थे, लेकिन आज तक इनकी मरम्मत नहीं हुई, जिससे यह पूरी तरह खंडहर हो गए हैं।
गोकुल प्रसाद कुशवाहा, किसान उमरिया
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हमने कई बार लघु सिंचाई विभाग को चेकडैमों के बदहाल होने की जानकारी दी, लेकिन आज तक इनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
संतोषी राजा, ग्राम प्रधान, उमरिया
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इन चेकडैमों के जीर्णोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इन्हें शामिल नहीं किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में इन्हें शामिल किया जाएगा।
राजीव मिश्रा, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग