इसके पहले 23 अगस्त को किसानों ने प्रदर्शन किया था तथा प्रशासन को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तीन दिन का समय दिया था, लेकिन समस्याएं जस की तस रहीं। इस पर बुधवार को फिर से धरना- प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के कृषक कस्बे के किसान सेवा सहकारी समिति के मैदान में जुट गए। उन्हें समझाने का भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारी ने प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच किसी ने उच्चधिकारियों को फोन कर भूमि संरक्षण विभाग के अफसर को बंधक बनाने की सूचना दी, इससे प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और एसडीएम सदर रमेश चंद्र मौके पर पहुंच गए। भारी पुलिस बल देख किसानों में आक्रोश फैल गया।
हालातों की जानकारी लेने के लिए एडीएम ने किसानों से वार्ता की तो उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं। इस पर एसडीएम ने उन्हें 31 अगस्त को होने वाली किसानों की बैठक की जानकारी दी। आश्वासन मिलने पर किसानों का धरना समाप्त हो गया। अध्यक्षता विजय सिंह ने की। इस मौके पर सुरेश कुमार टोंटे, रंजीत सिंह यादव, पूरन प्रजापति, कैलाश नारायण नांगल, मनोहर, अरविंद, अवधेश बबेले, अशोक पटेल, राजेंद्र तिवारी, कुंदन सिंह लोधी, राजकुमार पटेल, जगभान सिंह पटेल, लाखन सिंह पटेल, लक्ष्मण प्रसाद पाटकार, अवधेश बबेले, राजपाल यादव आदि उपस्थित रहे। संचालन सुरेश प्रकाश कौंते ने किया।