स्थानीय इंदिरा चौराहा पर समाजसेवी नाथूराम पाल द्वारा आमरण अनशन किया जा रहा था। मंगलवार को अनशन के तीसरे दिन सुबह लगभग 10 बजे समाजसेवी नाथूराम पाल की सेहत बिगड़ गई। अनशन स्थल पर उनका चिकित्सकीय परीक्षण करने पहुंचे चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील पहारिया ने उनकी हालत को चिंताजनक बताया। स्थानीय लोगों के आग्रह पर उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में भर्ती कराया गया। एसडीएम यशु रुस्तगी के निर्देश पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के एन शर्मा ने अस्पताल जाकर उनका हालचाल जाना और अनशन तोड़ने के लिए समझाया। वहीं, सूचना पाकर मौके पर समाजवादी पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष गिन्नी राजा एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अमर सिंह पार्षदों सहित मौके पर पहुंचे और काफी मान मनोव्वल के बाद समुचित आश्वासन दिए। अंतत: जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया गया।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अमर सिंह ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग नगर के बाहरी मुहल्लों को नगर पंचायत की सीमा में जोड़ने की है, उसका नगर पंचायत भी समर्थन करती है। इस संबंध में नगर पंचायत भी प्रयासरत है और उच्च स्तर पर फाइल भेजी जा चुकी है। परिसीमन होने से नगर का विकास होगा और पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं वहां रह रही आबादी को मिलने लगेंगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीमित संसाधनों में उक्त बाहरी मुहल्लों में पहले से ही साप्ताहिक अंतराल पर साफ- सफाई कराई जा रही है। इसलिए यह तय हुआ कि एक सितंबर से उक्त मुहल्लों में नियमित सफाई कराई जाएगी। हालांकि, दो अन्य मांगों पर विचार नहीं किया गया। इसमें इंदिरा चौराहा पर पिकेट ड्यूटी लगाने और मृतक विद्युत संविदा कर्मी की पत्नी को नौकरी दिलाए जाने की मांग शामिल थी।
इस मौके पर पार्षद हर नारायण तिवारी, विनोद साहू, पुष्पेंद्र चौधरी, प्रेमनारायण साहू, अनिल शर्मा, राम किंकन शुक्ला, रवि अहिरवार, सपा नेता परम कुशवाहा, शंकर सिंह, रोहित सेन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।