ललितपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व फोर्ट में डैम बन रहा है, इससे यहां रहने वाले वन्य जीवों ने अब जनपद का रुख कर लिया है। कुछ दिनों पूर्व यहां जंगलों में लगे ट्रैप कैमरों में बाघ की तस्वीरें कैद हुई थीं। कुछ समय से यहां तेंदुए की हमले की घटनाएं भी बढ़ी हैं, वहीं तीन तेंदुए सड़क हादसे में मारे गए। इन घटनाओं के बाद वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए जिले के जंगलों को टाइगर नेशनल पार्क में जोड़ने की मांग तेज हो गई है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरकार बुंदेलखंड में पानी की किल्लत खत्म होने का दावा कर रही है तो पर्यावरणविदों ने पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों और वन्य जीवों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पन्ना टाइगर रिजर्व से केन नदी गुजरती है। यह नदी वन्य जीव विशेषकर बाघ, तेंदुआ, हिरण, मगरमच्छ और पक्षियों का जीवन आधार है। केन-बेतवा योजना के तहत नदी की दिशा मोड़ने के लिए डैम का निर्माण किया जा रहा है। इससे पन्ना टाइगर रिजर्व के इकोसिस्टम पर गहरा असर पड़ रहा है। यही कारण है कि इस क्षेत्र के वन्य जीवों ने ललितपुर के जंगलों का रुख कर लिया है।
लेकिन, इन वन्य जीवों के संरक्षण के लिए पर्यावरण व वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते समय तीन तेंदुओं की विगत छह माह में मौत हो चुकी है। वन विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग के परियोजना निदेशक सागर को पत्र लिखकर वन्य क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग को एलिवेटेड हाईवे बनाने की मांग उठाई है। क्योंकि छह किलोमीटर के दायरे में तीन तेंदुओं की मौत का जवाब अब वन विभाग के पास भी नहीं है। दो हादसे मध्यप्रदेश व एक हादसा हाल में प्रदेशीय सीमा में हुआ है।
ट्रैप कैमरे में कैद हो चुके बाघ
मड़ावरा वन्य क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ का जोड़ा कैद हुआ था। दो बार इनकी तस्वीरें कैद की गई हैं। वहीं तेंदुआ व अन्य वन्य जीवों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। यहां के जंगलों में भालू, हिरन, लकड़बग्घा, बारहसिंगा जैसी दुर्लभ प्रजातियां पूर्व से ही मौजूद हैं।
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प्रस्ताव पर आपत्ति : नेशनल पार्क का प्रस्ताव पन्ना टाइगर रिजर्व ने तैयार कर भारत सरकार को भेजा है, जिसमें जनपद के मड़ावरा व गौना के जंगल शामिल किए गए हैं। स्थानीय वन विभाग ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसमें ललितपुर रेंज को शामिल करने प्रस्ताव दिया है। हालांकि, अभी भारत सरकार के पाले में गेंद है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व में बांध परियोजना के कारण जंगलों में वन्य जीवों की संख्या में बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन जो नेशनल पार्क का नक्शा तैयार किया गया है, उसमें सिर्फ मड़ावरा व गौना रेंज को लिया है, जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए ललितपुर रेंज को शामिल करने का प्रस्ताव भेजा है। भारत सरकार के निर्णय के बाद ही अगला प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी।