संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर सामान बेचने के बाद अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने वाली कंपनियों को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कड़ा सबक सिखाया है। मात्र 1004 रुपये के खराब ईयरबड्स को नहीं बदलने और उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना देने के मामले में फ्लिपकार्ट कंपनी ने समझौते के तहत परिवादी को 11 हजार रुपये का भुगतान करने की पेशकश की। इसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।
शहर के मोहल्ला नेहरूनगर निवासी अधिवक्ता शेरसिंह यादव ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 24 जुलाई 2023 को उसने फ्लिपकार्ट से बोट कंपनी के ईयरबड्स ऑनलाइन ऑर्डर किए थे। 29 जुलाई को जब उन्होंने इसका उपयोग किया तो ईयरबड्स की बैटरी और टच कंट्रोल खराब निकले। पीड़ित ने निर्धारित सात दिनों की रिप्लेसमेंट समय सीमा में तीन अगस्त को रिटर्न रिक्वेस्ट दर्ज करा दी थी। इसके बावजूद फ्लिपकार्ट कंपनी ने आठ अगस्त को यह कहते हुए रिक्वेस्ट खारिज कर दी कि रिप्लेसमेंट की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बाद उपभोक्ता ने फ्लिपकार्ट और बोट कंपनी के हेल्पलाइन नंबरों पर भी संपर्क किया लेकिन दोनों कंपनियाें ने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
शेर सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया। न्यायालय में फ्लिपकार्ट कंपनी ने गलती सुधारते हुए समझौते की पेशकश की। नौ जनवरी को न्यायालय के समक्ष कंपनी ने हर्जाना देना स्वीकार किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह लड़ाई ईयरबड्स की नहीं बल्कि उपभोक्ता के सम्मान और उनके अधिकारों की थी।