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Lalitpur News: कंपनी ने हड़प ली पूंजी, अब कैंसर का इलाज कराना मुश्किल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। इलाज के लिए पाई-पाई जोड़कर जमा की गई राशि चिटफंड कंपनी एलयूसीसी लेकर फरार हो गई। अब पैसा मिलने की आस धूमिल होने के साथ इलाज की उम्मीद भी टूटती जा रही है।
शहर के मोहल्ला अजीतापुरा के तारिक अली ने बताया कि वह ऑटो पार्ट की छोटी सी दुकान चलाते हैं। तीन साल पहले 40 वर्ष की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने की जानकारी हुई। जो कुछ जमापूंजी थी, वह इलाज में खर्च हो गई। आगे का इलाज कराने के लिए रुपयों की आवश्यकता थी। नवंबर 2023 में चिटफंड कंपनी एलयूसीसी में तीन हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन वर्ष के लिए एक आरडी इस उम्मीद में खोली कि इससे मिलने वाले करीब दो लाख रुपये से वह अपनी बीमारी का बेहतर इलाज करा सकेगा।
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तारिक अली पाई-पाई जोड़कर किसी तरह तीन हजार रुपये महीने जमा करता रहा। सात-आठ माह तक रुपया जमा करने के बाद अचानक पता चला कि कंपनी का ऑफिस बंद हो गया है। जिसने खाता खुलवाया था, उससे जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इस बीच चिटफंड कंपनी एलयूसीसी पर निवेशकों का हजारों करोड़ रुपये हड़पने का कई थानों में मुकदमा दर्ज हो गया। कंपनी के मुख्य संचालकों सहित अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आर्थिक अपराध करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की है। अब कैंसर पीड़ित तारिक अपनी पूंजी मिलने की आस लगाए बैठा है, लेकिन आगे इलाज कैसे होगा, यह सोचकर चिंतित है।
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पाई-पाई जोड़ी, अब सब कुछ बिखरा : धोखाधड़ी का शिकार सिर्फ तारिक अली नहीं हुआ है, बल्कि जनपद के ऐसे हजारों लोग शामिल हैं, जिन्होंने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और व्यापार आगे बढ़ाने के लिए अपनी जमापूंजी चिटफंड कंपनी में निवेश की थी। लेकिन, उक्त धनराशि लेकर चिटफंड कंपनी फरार हो गई।
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