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शहर में बनेगा कांजी हाउस

Fri, 18 Mar 2016 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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cow, lalitpur news - फोटो : demo
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ललितपुर। शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा जानवरों से होने वाली समस्याओं से शहरवासियों को जल्द छुटकारा मिलेगा। कांजी हाउस विहीन नगरों में प्रदेश सरकार कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत कांजी हाउस का निर्माण कराएगी। शासन ने इसको लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व जिलाधिकारी को निर्देश दे दिए हैं।
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शहर में आवारा जानवरों की भरमार है, जो शहर की मुख्य सड़कों व चौराहों पर बैठे रहते हैं। यह दुर्घटना का कारण बनते हैं। आवारा जानवरों को पकड़कर कांजी हाउस में ले जाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नगर पालिका ने अपनी इस जिम्मेदारी से हाथ खींच लिए हैं। इस कारण सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर शहरवासियों के लिए समस्या बन गए हैं। समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कांजी हाउस विहीन नगरों में कांजी हाउस बनाने का निर्णय लिया है।

इसके तहत प्रदेश सरकार की कान्हा पशु आश्रय योजना से कार्य किया जाएगा। कांजी हाउस के निर्माण का कार्य कार्यदायी संस्था उप्र जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजायन सर्विसेज (सीएनडीएस) द्वारा किया जाएगा, इसके लिए नगर पालिका ही जमीन उपलब्ध कराएगी। यदि पालिका के पास जमीन उपलब्ध नहीं है तो निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी।
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पत्र में कहा गया है कि कांजी हाउस के निर्माण के बाद कार्यदायी संस्था इसको जिलाधिकारी को हस्तगत कराएगी, फिर इसके संचालन, देखरेख व रखरखाव की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी। कांजी हाउस के संचालन के लिए जिला प्रशासन नगर पालिका व स्वयंसेवी संस्थाओं, सरकारी उपक्रमों/विभागों, प्रतिष्ठित फर्मों का सहयोग ले सकते हैं। जानवरों के लिए चारे आदि की व्यवस्था नगर पालिका, स्वयंसेवी संस्थाओं पशु प्रेमियों तथा पशुओं के पुनर्वासन आदि से संबंधित कार्य करने वाली संस्थाओं तथा डिस्ट्रिक्ट सोसाइटी फार प्रीवेंशन अगेंस्ट एनिमल क्रिएलिटी (एसपीसीएएल) के सहयोग से जिलाधिकारी उपलब्ध कराएंगे।


कुछ ऐसा होगा कांजी हाउस
कांजी हाउस का निर्माण पशुओं की तादात के आधार पर होगा। पशुओं के रहने के लिए अलग-अलग शेड बनाए जाएंगे। पेयजल के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी। लाइट के लिए सौर ऊर्जा प्लांट का निर्माण कराया जाएगा। जानवरों का भूसा रखने के लिए भंडारण कक्ष का निर्माण, कार्मिकों के रहने के लिए कक्ष व कार्यालय का निर्माण कांजी हाउस परिसर में किया जाएगा और इसमें बायो गैस प्लांट भी लगाया जाएगा।

पशु निस्तारण के सख्त नियम होंगे लागू
शासन से जारी पत्र में प्रदेश सचिव प्रकाश सिंह ने बताया कि कांजी हाउस में पकड़ कर रखे गए जानवरों के निस्तारण की कान्हा पशु आश्रय योजना में समुचित व्यवस्था की जाएगी। दुधारू पशुओं को छोड़कर अन्य पशुओं को कृषि कार्य के लिए डीएम द्वारा नीलाम किया जा सकता है। इसके लिए कृषकों से 100 रुपये के बांड पेपर व शपथ पत्र लेने के बाद ही पशुओं की सुपुर्दगी की जाएगी। पशुओं को ले जाने वाले कृषकों का पूर्ण विवरण पृथ्क के रजिस्टर पर रखा जाएगा।

पशुओं की नीलामी के दौरान इस बात की खोजबीन ही जाएगी कि पशु व्यापारी के विरुद्ध किसी अवैध पशुवध के मामले में, पशुक्रूरता के मामले में या अवैध पशु परिवहन के मामले में मुकदमा पंजीकृत तो नहीं है और उस व्यक्ति की सामाजिक ख्याति अच्छी हो। इन बातों पर शर्त के आधार पर शपथ पत्र लेने बाद ही पशुओं को सौंपा जाए। इसके अलावा पशुओं के ंक्रय करने के बाद व्यापारी को यह भी बताना होगा कि वह पशुओं का क्रय किस उपयोग के लिए कर रहा है। इसके बाद ही जिला प्रशासन के स्तर से निर्धारित शुल्क लेकर पशु परिवहन हेतु लाइसेंस जारी किया जा जाएगा।
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