वर्तमान में नगर पालिका के पास शहर की सड़कों और नालियों की वास्तविक स्थिति और शहर का मानचित्र उपलब्ध नहीं है। अमृत योजना व अन्य विकास योजनाओं में शहर के विकास कार्यों के प्रस्ताव के लिए यह जानकारियां जरूरी पड़ने लगी हैं, जिसको देखते हुए नगर पालिका शहर की वर्तमान भौगोलिक स्थिति का मानचित्र व जानकारियां जुटाने के लिए सर्वे कार्य करा रही है। प्रथम चरण में शहर के कुल 13 वार्डों के क्षेत्र का सर्वे कराया जा रहा है।
नगर पालिका इस सर्वे का कार्य दिल्ली की निजी कंपनी द्वारा करा रही है। नगर पालिका इस सर्वे से शहर में बनी कच्ची-पक्की सड़कों व नाली-नालों की वास्तविक लंबाई-चौड़ाई, सड़कों पर बने मकानों की संख्या की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा शहर के लेबिल को मापा जा रहा है कि शहर के किस क्षेत्र की ढलान किस ओर है। साथ ही उक्त जानकारियों के आधार पर ही शहर की वास्तविक स्थिति का मानचित्र तैयार किया जाएगा। मानचित्र में उक्त जानकारी और पूरे शहर का क्षेत्रफल अंकित होगा। शहर में सर्वे का कार्य विगत नवंबर माह से चल रहा है। शहर में कुल 26 वार्ड हैं, लेकिन नगर पालिका प्रथम चरण में आधे यानी 13 वार्डों में सर्वे करा रहा है। इसमें एक से 13 वार्ड तक वार्ड शामिल हैं। बीते तीन माहों में सर्वेयर कंपनी वार्ड नंबर 01, 03, 04, 06, 08 व 10 में भौतिक सर्वे का कार्य पूर्ण जो चुका है वहीं वर्तमान में वार्ड नंबर 02, 09 और 11 में सर्वे का कार्य जारी है। इसके बाद दूसरे चरण में बाकी अन्य 13 वार्डों में सर्वे कार्य शुरु किया जाएगा। भौतिक सर्वे पूरा होने के बाद उक्त जानकारियों के साथ शहर की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का मानचित्र तैयार किया जाएगा।
चाहें तो मकानों की जानकारी हो सकती है ऑनलाइन
नगर पालिका द्वारा किए जा रहे इस सर्वे में नगर पालिका प्रत्येक सड़क के किनारे बने मकानों की संख्या को भी अपने सर्वे रिपोर्ट में शामिल किए हुए है। ऐसे में यदि नगर पालिका के ग्रहकर विभाग चाहे तो इसी सर्वे के आधार पर तैयार होने वाले मानचित्र के जरिये शहर में स्थित मकानों व खाली प्लाटों की सारी जानकारी ऑनलाइन अपलोड हो सकती है। नगर पालिका वर्तमान में शहर का स्वकर सर्वे करा रही है, इसमें ग्रहकर विभाग को थोड़ी मेहनत करके मानचित्र तैयार करने वाली सर्वेयर कंपनी को प्रत्येक मकानों व खाली प्लाटों के स्वामी का नाम व मकान संख्या स्वकर सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर मानचित्र पर अंकित करा दें तो शहर में बने समस्त मकानों की जानकारी ऑनलाइन उपलोड हो सकती है। वैसे भी शासन की मंशा नगर पालिका को पूरी तरह से ऑनलाइन करना है, ऐसे में नगर पालिका शासन की मंशा के अनुुरूप व कम लागत से ग्रहकर की जानकारी ऑनलाइन करा सकती है। इसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों को दिलचस्पी लेनी होगी। इस बात को नगर पालिका जेई व सर्वेयर कंपनी भी स्वीकार रही है।
शहर के विकास में बनेगा सहायक
शहर का वास्तविक भौगोलिक मानचित्र तैयार होने के बाद यह मानचित्र व सर्वे से जुटाई गईं संपूर्ण जानकारियां शहर के विकास में सहायक बनेगी। शहरी क्षेत्रों की कायाकल्प करने के लिए चलाई जा रही अटल अमृत मिशन योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव में यह जानकारियां अहम भूमिका निभाती हैं। वर्तमान में उक्त जानकारियां हमारे पास नहीं है, जो आने वाले दिनों में विकास कार्यों में रोड़ा बन सकती हैं। इससे शहर की ढलान की दिशा की जानकारी हो जाएगा, जो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जल निकासी आदि योजनाओं में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा इस मानचित्र को विभाग की वेबसाइट पर भी उपलोड किया जाएगा, जिससे नागरिकों को भी उनके शहर की जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा यह जानकारियां प्राधिकरण विभाग द्वारा तैयार किए जाने वाले मास्टर प्लान में भी सहायक बनेगा।
- विपिन कुमार
अवर अभियंता, नगर पालिका।