ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दैलवारा में व्यापारी की हत्या के मामले में कई पहलू निकलकर सामने आ रहे हैं। व्यापारी ने मरने से पहले बदमाशों से काफी देर तक संघर्ष किया था, जिसके चलते घर में रखा दुकान का सामान बिखर गया था। कमरे में खून के छींटे लगी एक पीले रंग की कैप भी मिली है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कैप बदमाशों में से किसी एक की हो सकती है।
बीते रविवार की रात को बदमाशों ने ग्राम दैलवारा निवासी किराना व्यापारी अरविंद कुमार जैन की घर में घुसकर हत्या कर लूटपाट करने और उसकी पत्नी को बंधक बनाकर घायल कर दिया था। मामले में पुलिस गहनता से छानबीन करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी हुई है। वहीं परिवारीजन अरविंद जैन के शव का अंतिम संस्कार के बाद जब घर पहुंचे और घटना वाले कमरे में जाकर देखा तो वहां सारा सामान बिखरा पड़ा था। जिससे स्पष्ट था कि यहां अरविंद जैन ने बदमाशों से काफी संघर्ष किया होगा, लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने और आंखों पर पट्टी बांधने के चलते पिटाई से घायल होकर वह मरणासन्न हो गए। पत्नी भी गंभीर घायल होने से बेहोश हो गई। परिजनों ने कमरे में देखा तो वहां सामान बिखरा होने के साथ ही एक पीले रंग की कैप भी पड़ी मिली है और उस कैप पर खून के छींटे लगे हैं। ऐसे में परिवारजनों ने संभावना जताई है कि वह कैप हत्यारोपियों में से ही किसी एक की होगी। मृतक के बेटे अमन जैन ने बताया कि उसके पिता गांव में स्थित जैन मंदिर कमेटी के प्रबंधक भी थे और मंदिर का काम भी चल रहा है। घर में मंदिर का कैश भी रखा हुआ था। बताया कि व्यापारी अरविंद जैन किराने के साथ साहूकारी का काम भी करते थे। कई गांवों में उनका लेन-देन था। मृतक अरविंद जैन के बेटों ने घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर जल्द से जल्द हत्यारोपियों को पता लगाकर घटना का खुलासा किए जाने की मांग की है।
चार वर्ष पहले भी हुआ था हमला
मृतक के बेटे अमन जैन ने बताया कि बीते चार साल पहले भी उसके पिता पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने दुकान पर ही तमंचा से अड़ाकर मारने का प्रयास किया था और इसकी शिकायत भी पिता ने पुलिस से की थी। हालांकि तब भी यह पता नहीं चल सका था कि यह हमला किसने और किस वजह से किया था।