हाथ पर लाल स्याही से लिखा था आलोक और रतिराम ने मारा, रज्जो की कोई गलती नहीं है
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना पाली के ग्राम डुंगरिया निवासी महेंद्र राजपूत का शव शनिवार को जखौरा अंतर्गत ग्राम जैरवारा में गांव के बाहर आम के पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटका मिला। मृतक के हाथ पर सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें कुछ नाम लिखे थे। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और एक महिला और उसके पति पर हत्या की आशंका जताई है।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों की मदद से शव को नीचे उतारा। कपड़ों की तलाशी ली तो जेब से आधार कार्ड मिला। जिसके आधार पर उसकी शिनाख्त थाना पाली के ग्राम डुगरियां निवासी महेंद्र राजपूत (30) पुत्र रामसेवक के रूप में हुई। सूचना मिलने पर मृतका का भाई आशीष मौके पर पहुंचा। आशीष ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि उसके भाई महेंद्र राजपूत के बाएं हाथ पर लाल रंग से सुसाइड नोट लिखा था।
इसमें लिखा था कि आलोक और रतिराम ने उसे जान से मारा है। इसमें रज्जो की कोई गलती नहीं है। आशीष ने यह भी बताया कि उसके भाई का प्रेम प्रसंग गांव की एक विवाहिता महिला से चल रहा था। वह दो महीने से अपनी बहन के गांव जैरवारा में रह रही थी। तभी से उसका भाई महेंद्र भी उसी के साथ रह रहा था। मकर संक्रांति पर उसका बड़ा भाई आया था और 15 जनवरी को चला गया था। आशीष ने महिला और उसके पति पर हत्या की आशंका जताई है।
यह भी बताया कि गांव वालों ने उसे जानकारी दी कि शुक्रवार की देर रात उसके भाई व प्रेमिका के पति के बीच विवाद भी हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की। मृतक तीन भाई-तीन बहनों में दूसरे नंबर का था। सीओ अजय कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण का पता चलेगा। मामले की जांच कराई जा रही है।
हाथ पर लिखे मिले सुसाइड नोट की जांच में जुटी पुलिस
मृतक का छोटा भाई आशीष ने बताया कि महेंद्र के बाएं हाथ पर लाल रंग से एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें लिखा था, आलोक और रतिराम ने उसे जान से मारा है। इसमें रज्जो की कोई गलती नहीं है। पुलिस ने हाथ पर लिखे शब्दों की फोटो खींचकर अपने पास सुरक्षित की और पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल करने में जुट गई है।