सोने या पीतल होने की सच्चाई वैज्ञानिक परीक्षण से होगी स्पष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तालबेहट क्षेत्र के ग्राम सुनौरी में धार्मिक स्थल पर धर्मशाला निर्माण के लिए खुदाई के दौरान मिली 14 धातु की ईंटों की जांच अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) करेगा। ईंटों के सोने या अन्य धातु के होने को लेकर चल रही अटकलों के बीच पुलिस ने एएसआई को पत्र भेजा है। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
9 अप्रैल को सुनौरी में खुदाई के दौरान करीब तीन फुट गहराई पर लाल कपड़े में बंधा एक पीतल का बर्तन मिला था। इसके अंदर करीब 200-300 ग्राम वजन की 14 ईंटें निकली थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने ईंटों को दोबारा मिट्टी में दबा दिया था, लेकिन अगले दिन वे रहस्यमय तरीके से गायब मिलीं।
इस मामले में राजेंद्र सोनी समेत स्वर्णकार समाज के लोगों ने कोतवाली तालबेहट में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस और एसओजी टीम ने पाया कि ईंटें मिलने की बात सही थी। इसके बाद उपनिरीक्षक विकास कुमार की तहरीर पर अजय सोनी, राजेंद्र सोनी उर्फ वल्लन, हरदेश कुमार पटैरिया, बृजेश प्रजापति और जेसीबी चालक शिवम अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच का दायरा बढ़ने पर नौ ईंटें धार्मिक स्थल के पास बालू में दबाई हुई मिलीं, जबकि बाद में चार अन्य ईंटें भी बरामद कर ली गईं। फिलहाल शेष ईंटों की तलाश जारी है। बरामद ईंटों के सोने की होने के दावे की पुष्टि के लिए अब एएसआई वैज्ञानिक जांच करेगा।
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बाबा की संपत्ति बताकर दबाया, रात में निकाल ले गए
खुदाई के दौरान मिली ईंटों को कुछ लोगों ने बाबा की संपत्ति बताते हुए बिना प्रशासन को सूचना दिए फिर से गड्ढे में दबा दिया था। आरोप है कि उसी रात कुछ लोगों ने इन्हें चोरी से निकाल लिया, जिसके बाद मामला सामने आया।
ईंटों पर 95.5 अंकित, शुद्धता पर उठे सवाल
बरामद ईंटों पर 95.5 अंकित पाया गया है। जानकारों के मुताबिक, ऐसे अंक धातु की शुद्धता दर्शाने के लिए होते हैं। हालांकि, कुछ लोगों का दावा है कि ये ईंटें सोने की नहीं, बल्कि पीतल की हो सकती हैं।
जांच के बाद होगी स्पष्टता : एसपी
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि ईंटों के धातु की पुष्टि के लिए एएसआई को पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि ईंटें सोने की हैं या किसी अन्य धातु की। मामले की गहन जांच जारी है और प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।