ललितपुर। सूखे के कारण पानी को लेकर हाहाकार मचा है। पानी की चोरी को लेकर उप्र के सिंचाई विभाग ने साफ कर दिया है कि अब वह किसानों को सिंचाई के लिए मना नहीं करेगा।
जामनी नदी के पानी को लेकर पिछले एक महीने से मप्र व उप्र प्रशासन में बैठकें हो रही हैं। टीकमगढ़ का प्रशासन कहता है कि जामनी नदी से जो पानी उसे पेयजल के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, उसकी चोरी कर तटीय सीमा वाले उप्र के किसान सिंचाई कर रहे हैं।
इस पानी की चोरी को रोकने के लिए नगर पालिका टीकमगढ़ की ओर से हथियारबंद गार्ड तैनात किए गए हैं। पिछले दिनों इन गार्डों ने उत्तर प्रदेश की सीमा को लांघकर बानपुर और वीर गांव के किसानों के साथ मारपीट कर उनके सिंचाई पंप नष्ट कर दिए थे। ललितपुर प्रशासन के संज्ञान में मामला आने पर किसानों के साथ बदसलूकी पर विरोध दर्ज कराया गया था।
इसी क्रम में गत दिनों टीकमगढ़ कलेक्टर केदार शर्मा ने ललितपुर जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार को पत्र लिखकर पानी चोरी रोकने की गुजारिश की थी। पत्र प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने सिंचाई निर्माण खंड के अधिशाषी अभियंता विपिन बहादुर सिंह के नेतृत्व में एक टीम भेजकर मामले की जांच करने को कहा था।
टीम ने जाकर मौके का मुआयना किया तो पाया कि उत्तर प्रदेश के किसान मध्य प्रदेश के हिस्से वाले पानी का उपयोग नहीं कर रहे हैं। किसानों की फसलें सूख रही हैं, इसीलिए वह जामनी नदी व अन्य स्त्रोतों से उपलब्ध पानी से फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक्सईएन ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी।
इसके बाद डीएम ने टीकमगढ़ प्रशासन को अवगत कराया कि किसी भी किसान को सिंचाई करने से नहीं रोका जाएगा। टीकमगढ़ को जामनी बांध से उसके हिस्से का पानी उपलब्ध करा दिया है।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जनवरी माह से भी जबरदस्त पेयजल की किल्लत सामने आने लगी है। इस कारण मप्र को जामनी बांध से अनुबंध के मुताबिक पानी उपलब्ध करा दिया गया। टीकमगढ़ को उपलब्ध कराए गए पानी के कारण जामनी नदी में पानी आ गया।
जिसका उपयोग कुछ किसानों ने अपनी फसलों की सिंचाई करने के लिए किया, जबकि टीकमगढ़ नगर पालिका ने पेयजल के लिए उपलब्ध पानी का अन्य कार्यों में उपयोग पर पूर्णत रोक लगा दी। रोक को प्रभावी करने के लिए नगर पालिका टीकमगढ़ की ओर से हथियारबंद गार्ड भी तैनात कर दिए।
इन गार्डों ने पिछले दिनों ललितपुर के बानपुर क्षेत्र के किसानों से मारपीट की थी। इसी के बाद से मामला गरमाने लगा था। हालांकि, टीकमगढ़ में पेयजल किल्लत को देखते हुए मध्य प्रदेश के हिस्से से ज्यादा पानी जामनी बांध से उपलब्ध करा दिया गया है। अनुबंध के मुताबिक टीकमगढ़ को 88 मिलीयन क्यूबिक फिट पानी उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन पेयजल की समस्या को देखते हुए अब तक 92 मिलीयन क्यूबिक फिट पानी दिया गया है।
टीकमगढ़ प्रशासन की ओर से सिंचाई कर रहे किसानों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। निरीक्षण में पाया कि कुछ किसान ही जामनी नदी का पानी सिंचाई में उपयोग कर रहे हैं।
उनके पास सिंचाई के लिए पानी का कोई अन्य साधन नहीं है। किसानों पर सिंचाई करने को लेकर कोई रोक नहीं लगाई गई है और इससे टीकमगढ़ प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।
- विपिन बिहारी सिंह
अधिशाषी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड