सिलावन (ललितपुर)। मप्र की सीमा से सटा महरौनी व्यापार कर चोरी का गढ़ बनता जा रहा है। इससे राजस्व को लाखों रुपये की चपत लग रही है। साथ ही जो लोग टैक्स चुकाकर कारोबार कर रहे हैं, उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश से कारोबारी बिना टैक्स चुकाए तेल, सीमेंट लोहा, कपड़ा, मेवा, इलाइची, सौंदर्य प्रसाधन, मोटर पार्ट्स, मोबाइल आदि ले जाते हैं और उप्र के बाजार में बेच देते हैं। मध्य प्रदेश में टैक्स कम होने के कारण उनकी खासी बचत हो जाती है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश के मुकाबले मध्य प्रदेश के वाणिज्य कर में भी भारी अंतर है।
इस वजह से महरौनी में व्यापार कर की चोरी बड़े पैमाने पर होती है। अवैध कारोबारी व्यापार कर की चोरी कर मध्य प्रदेश स्थित टीकमगढ़ व अन्य जिलों से सीमेंट, लोहा, कपड़ा, मोबाइल आदि की खरीदारी करते हैं और मौका पाकर इस माल को महरौनी ले आते हैं।
विगत दिनों सचल दल व्यापार कर विभाग ने टीकमगढ़ रोड स्थित एक कार से बिना प्रपत्रों के हजारों रुपये कीमत के मोबाइल बरामद किए थे और उक्त व्यापारी पर जुर्माना लगाया था। व्यापार कर चोरी का कारोबार महरौनी तक ही सीमित नहीं है। जिले के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी यह अवैध कारोबार फलफूल रहा हैं।
इसका सबसे अधिक नुकसान उन कारोबारियों को उठाना पड़ता है, जो व्यापार टैक्स अदा करते हैं। टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों की अपेक्षा ऐसे व्यापारियों को अपना माल अधिक दामों पर बेचना पड़ता है, जिसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ता है। विभाग की टीमें यदि सीमावर्ती बार्डर पर लगातार चेकिंग करें तो वाणिज्य कर की स्थिति में सुधार हो सकता है।