ललितपुर। वन विभाग द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत कराए गए निर्माण कार्यों पर फिर सवाल उठने लगे हैं। नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बुंदेलखंड पैकेज के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2013-14 में 7,200 हेक्टेयर वन भूमि में करोड़ों रुपये की लागत से कच्चे, पक्के चेकडैम और स्पिल-वे का निर्माण कराया गया। वर्ष 2014-15 में करीब 4,800 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब पांच करोड़ रुपये से पौंड तालाब, बंधी व चेकडैम आदि के कार्य कराए गए। अन्य योजनाओं में पौधारोपण आदि कार्य किए गए, लेकिन मौके पर इनका कहीं पता नहीं है।
वन रेंजों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत कच्चे एवं 40 प्रतिशत पक्केे कार्य हुए। इनमें अधिकांश कच्चे कार्य मशीनों से हुए, जबकि स्टीमेट में श्रमिकों से कार्य दर्शाया गया है। पक्के कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। जंगलों में उपलब्ध सामग्री खंडा, बोल्डर व बालू का इस्तेमाल कर लिया गया, जबकि खरीद बिल में सामग्री बाहर आने की दर्शाई गई है। यदि बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत कराए गए निर्माण कार्यों की जांच करा ली जाए तो विभागीय कर्मियों की संलिप्तता उजागर हो जाएगी।
साल भर पुराने काम हैं, इन कार्यों को उच्चस्तरीय अधिकारियों ने देखा है। काम में रोड़े अटकाने के लिए इस तरह की शिकायतें की जा रही हैं।
- वीके जैन
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग ललितपुर।