ललितपुर। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बजाज फाइनेंस कंपनी और आम लोगों से 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी राशिद खान उर्फ सानू सहित उसकी मां रशीदा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से 2.47 लाख रुपये, स्कार्पियो, टैबलेट सहित अन्य कागजात बरामद किए। 1.5 लाख रुपये की धनराशि खाते में फ्रीज कराई गई।
बजाज फाइनेंस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर संदीप सोलंकी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने महेंद्र बरार सहित सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 1,71,01,703 रुपये की क्षति पहुंचाई। जांच के लिए एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने जनपद स्तरीय एसआईटी गठित की थी। पुलिस ने नवनीत, महेंद्र व करन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि, राशिद खान उर्फ सानू निवासी टौरिया मंदिर के पास मोहल्ला नेहरूनगर की गिरफ्तारी पर एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
बुधवार को पुलिस ने राजघाट रोड बड़ी नहर के आगे से राशिद खान उर्फ सानू व उसकी मां रशीदा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। वह और उसकी मां रशीदा कंपनी से लोन दिलाने के नाम पर लोगों को गुमराह करते थे। इसके बदले में उनको अच्छा कमीशन मिलता था। ज्यादा लाभ कमाने के लिए उन्होंने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लोन दिलाना शुरू कर दिया। वे लोग रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर खरीदते थे। इसके बाद उसकी तिथि व अन्य विवरण को संपादित कर वर्ष 2015 से पूर्व की तिथि व अन्य विवरण अंकित कर देते थे, जिससे कि उसका ऑनलाइन सत्यापन न हो सके।
कूटरचित तरीके से तैयार रजिस्ट्री के प्रपत्र, पैनकार्ड, आधारकार्ड, नया बैंक एकाउंट खुलवाकर उसमें अपना मोबाइल नंबर जुड़वा देते थे। लोन की जो धनराशि इन खातों में आती थी, उसको कैश के रूप में निकालकर आपस में सभी बांट लेते थे। आरोपी ने यह भी बताया कि उसके पास से जो मुहर, इंक पैड, बैंक एकाउंट से संबंधित प्रपत्र मिले हैं, वे लोग इन्हीं के माध्यम से फर्जी व कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर लोन के लिए फाइल तैयार कराते थे। उसकी और बजाज फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत रहती थी। जो भी रुपया मिलता था, उसे आपस में बांट लेते थे। इनामी आरोपी को उसकी मां सहित गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी, उपनिरीक्षक कमलेश कुमार, देवराज मौर्या, सिपाही विकास कुमार, दीपेंद्र कुमार सहित महिला सिपाही गायत्री दिनकर शामिल रहीं।
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पत्रक बनवाकर जगह-जगह चस्पा कर लोगों को देते थे लालच
आरोपी राशिद खान ने बताया कि उसके गिरोह में सभी लोगों के काम अलग-अलग स्तर पर बंटे हुए थे। वे लोग लोन कैसे मिलेगा, इसका पत्रक बनवाते थे और उक्त पत्रक को जगह-जगह चिपका देते थे। जिसको लोन लेना होता था, वह उनसे संपर्क करता था। इसके बाद उसकी लोन की फाइल बनवाते थे।
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यह हुआ बरामद : आरोपी मां-बेटे के पास से 2,47,900 रुपये बरामद हुआ तो डेढ़ लाख रुपये की धनराशि खातों में फ्रीज कराई। इसके साथ 27 लाख रुपये की स्कार्पियो, एक टैबलेट, 11 सील मुहर, तीन इंकपैड, चेकबुक, अलग-अलग बैंक के 12 चेक, विभिन्न बैंक के 10 डेबिट कार्ड, चार पैनकार्ड और दो आधार कार्ड बरामद हुए।
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बजाज फाइनेंस कंपनी और आम लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी और उसकी मां को गिरफ्तार किया गया है। इस केस में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
- मोहम्मद मुश्ताक, एसपी