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Lalitpur News: झूठे अपहरण और फिरौती मांगने की साजिश रचने के मामले में डेढ़ साल से लापता आरोपी गिरफ्तार

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वर्ष 2024 में कोतवाली में दर्ज हुआ था केस, पुलिस ने घटना का खुलासा कर चार आरोपियों को भेजा था जेल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। झूठे अपहरण और फिरौती मांगने के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को कोतवाली सदर पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया। आरोपी के खिलाफ 2024 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि थाना तालबेहट अंतर्गत ग्राम खांदी मजरा रानीपुरा निवासी कमलेश पत्नी मनोज ने पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 25 जून 2024 को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसके पति का अहमदाबाद (गुजरात) से अपहरण कर लिया गया था और फिरौती के लिए 30 लाख रुपये की मांग की गई थी। पुलिस ने अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। पुलिस टीम ने इस घटना का खुलासा कर दिया था। इसमें पाया गया था कि मनोज ने स्वयं के अपहरण की साजिश रची। इसमें शामिल अन्य अभियुक्तों भगवान दास, मंगल व हिम्मत को 28 जून 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना में शामिल समीर उर्फ सतीश चंद्र कुशवाहा वांछित चल रहा था। मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने वांछित आरोपी समीर कुशवाहा निवासी ग्राम कुरौरा थाना महरौनी को गिरफ्तार कर लिया।
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2018 में मनोज ने खोली थी चिटफंड कंपनी
गिरफ्तार समीर ने बताया कि उसके साथी मनोज ने 2018 में प्रकृति रक्षक निधि लिमिटेड नामक चिट फंड सोसाइटी खोली थी। उसका वह सीएमडी था। मनोज ने भगवानदास, मंगल को कंपनी में एजेंट बनाया था और बाद में भगवान दास को ललितपुर का बैंक मैनेजर बनाया था। कंपनी में ललितपुर के काफी लोगों का करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये जमा था। इसमें कुछ लोगों का पैसा वापस कर दिया गया था और कुछ लोगों का पैसा फंसा था। कंपनी बंद करके मनोज अपनी पत्नी व बच्चों के साथ इंदौर में छिपकर रहने लगा। मनोज के विरुद्ध कई रिपोर्ट दर्ज किए गए। कोर्ट में एनआई एक्ट का वाद भी पंजीकृत हो गया था। लाभार्थियों के पैसे वापस न देना पड़े, इसलिए साथियों के साथ मिलकर उसने साजिश रची थी।
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