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एंबुलेंस कर्मचारी की सेवाएं समाप्त

Tue, 26 May 2015 02:39 AM IST
ललितपुर/ ब्यूरो
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ललितपुर। सुविधा शुल्क नहीं देने पर गर्भवती महिला को बीच रास्ते में छोड़ देने के मामले में ‘102 एंबुलेंस’ के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (इएमटी) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। एंबुलेंस से उतारे जाने के कारण  महिला का रास्ते में ही गर्भपात हो गया था।
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गर्भवती महिला को एंबुलेंस से उतारे जाने के बाद सड़क पर गर्भपात होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सत्येंद्र कुमार ने कार्रवाई के लिए इमरजेंसी मेडिकल इंचार्ज (इएमई) को पत्र लिखा था। साथ ही, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जेएस बख्शी से भी मामले की जांच कराई।

इएमई और एसीएमओ ने पीड़िता के परिजनों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। सीएचसी महरौनी से लेकर जिला महिला चिकित्सालय के अभिलेखों की जानकारी ली। साथ ही, घटना वाली रात 102 एंबुलेंस पर इएमटी के साथ मौजूद पायलेट के भी बयान लिए गए, दोनों अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में वसूली के आरोपों की पुष्टि होने के बाद 102 एंबुलेंस पर कार्यरत इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन शिवम कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला मेडिकल प्रभारी की ओर से 102 एंबुलेंस स्टाफ को ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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यह है मामला
महरौनी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिलावन निवासी हरीशरण सिंह बीती 20 मई की रात अपनी गर्भवती पत्नी प्रियांशी की अचानक हालत बिगड़ने पर 102 एंबुलेंस से इलाज के लिए लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी पहुंचा। यहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने प्रियांशी को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। हरीशरण का आरोप है कि जब उसने एंबुलेंस यूपी 41जी 2118 के इएमटी से ललितपुर चलने को कहा तो 800 रुपयों की मांग की गई। काफी आरजू - मिन्नत के बाद इएमटी ने मरीज को एंबुलेंस में लिटा लिया, लेकिन कुछ ही दूरी तय क रने के बाद दोबारा रुपयों की मांग करने लगा। हरीशरण सिंह द्वारा असमर्थता जताने पर इएमटी गर्भवती महिला को नीचे उतारकर चला गया। दर्द से कराहती गर्भवती महिला रात भर सड़क पर पड़ी रही, जहां उसका गर्भपात हो गया, साथ ही महिला की हालत बिगड़  गई। सुबह किसी तरह पीड़िता का पति मोटरसाइकिल की व्यवस्था कर पत्नी को लेकर महिला अस्पताल पहुंचा, तब उसकी जान बचाई जा सकी।



102- एंबुलेंस में यह दी जाती हैं सेवाएं
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 102 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। 102 टोल फ्री नंबर पर फोन करके सरकारी एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए निशुल्क स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाती है। प्रसव के बाद उसे घर वापस भेजने की जिम्मेदारी भी इसी एंबुलेंस को सौंपी गई है।
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