युवक की मौत पर गांव में तनाव, पुलिस तैनात
तालबेहट। पुलिस प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर युवक के आत्महत्या करने के मामले में गांव में तनाव हो गया है। तनाव को देखते हुए वहां पर एहतियात के तौर पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है। लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी गुस्सा है। सीओ सदर और सीओ नाराहट ने भी मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया।
मालूम हो कि गांव नगलयाना निवासी उमाशंकर यादव पुत्र रतिराम के खिलाफ 2014 में लूट का मुकदमा बानपुर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें उसके अलावा तीन और लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस पर एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह मामला अभी अदालत में चल रहा है। इसके अलावा इसके खिलाफ दफा 25 का भी एक मुकदमा चल रहा है। दो मुकदमे उसके ऊपर होने की वजह से पुलिस उसे परेशान करती थी। वह आटो चलाता था। उसी से उसके घर का खर्च चलता था। रविवार को जैसे ही उसकी मौत होने की खबर आई तो गांव में तनाव का माहौल हो गया। इसकी जानकारी होने पर थाना तालबेहट, बार, जखौरा, मड़ावरा, नाराहट, बानपुर व महरौनी की पुलिस तैनात कर दी गई। सीओ सदर राजा सिंह और महरौनी सीओ केशव चंद्र ने भी जायजा लिया। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस उसे अक्सर प्रताड़ित करती थी। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है। इससे लोगों में पुलिस के प्रति नाराजगी है। मृतक के छोटे भाई इंद्रपाल सिंह सहित अन्य रिश्तेदारों का कहना है कि उसे पिछले कई दिनों से पुलिस परेशान कर रही थी। वह गांव के कई लोगों को बता चुका था। इसके बाद ही उसने आत्मघाती कदम उठाया है। मृतक आटो चलाकर अपनी दो छोटी- छोटी पुत्रियों का पालन पोषण कर रहा था।
सुसाइड नोट में दिखाया पुलिस को आईना
जहर खाने से पहले उसने सुसाइड नोट में पुलिस को आईना दिखाया है। उसने लिखा है कि पुलिस की वर्दी पहनने से पहले कसम खाई थी कि पूरी ईमानदारी से देश और कानून की रक्षा करेंगे। अब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो जीने से क्या फायदा ? उसने लिखा है कि लूट के मुकदमे के मामले में राजीनामा कराने के लिए पुलिस ने 40 हजार रुपये लिए। इसके बाद दफा 25 के मामले में 15 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जेल भेजने का भय दिखाकर सात हजार रुपये लिए गए। अब फिर 20 हजार रुपये मांगे जा रहे थे। इतने रुपये देने में असमर्थ होने पर मैने आत्महत्या करने का कदम उठाया। उसने लिखा है कि जिलाधिकारी से मेरा निवेदन है कि मैं तो चला लेकिन जिन पर फर्जी मुकदमे दर्ज हैं उनको परेशान न किया जाए। आखिर में उसने लिखा है कि अगर 62 हजार रुपये वापस मिल जाएं तो मेरी बेटियों को दे देना।
आधा दर्जन मुकदमे दर्ज
तालबेहट। मृतक के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी करने पर पूराकलां थानाध्यक्ष प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि मृतक पर थाना बानपुर में तीन मामले दर्ज हैं, जिसमें लूट, चोरी और दफा 25 तथा थाना पूराकलां में दफा 25 तथा गुंडा एक्ट का एक मामला दर्ज है। अन्य थानों से भी जानकारी मांगी जा रही है।
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सीओ ने पहले की होती जांच तो टल सकता था हादसा
तालबेहट। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी के खिलाफ कुछ शिकायती पत्र दिए थे, जिसमें कुछ मामलों की जांच के लिए सीओ तालबेहट को जिम्मा सौंपा गया था परंतु पुलिस क्षेत्राधिकारी ने जॉच में सक्रियता नहीं दिखाई। यदि सीओ ने समय से जांच की होती तो शायद यह परिणाम देखने को नहीं मिलता।