संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तहसील अधिवक्ता शनिवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। उन्होंने बैनामों में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उनके साथ स्टांप वेंडर व रजिस्ट्री लेखक भी हड़ताल पर रहे। बैनामे प्रभावित होने से राजस्व की हानि हुई। दो दिन में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
तहसील बार संघ के अधिवक्ताओं के साथ स्टांप वेंडर व रजिस्ट्री लेखक भी हड़ताल पर हैं। सदर रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रतिदिन करीब 30 बैनामे होते हैं। इन बैनामाें से 12 से 13 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। हड़ताल से सीधे राजस्व की हानि हो रही है। अधिवक्ताओं ने बैनामों में सर्किल रेट की विसंगति के कारण हो रही परेशानी को मुद्दा बनाया है। उन्होंने कहा एआईजी ने हाल में आदेश जारी किए हैं, जिसमें वार्डों के सर्किल रेट के आधार पर बैनामे न कर हद बाहर के सर्किल रेट पर बैनामे किए जा रहे हैं। तहसील में आवासीय प्लाटों के दाखिल खारिज न होने पर भी रोष प्रकट किया गया। इस अवसर पर तहसील बार संघ के अध्यक्ष मुन्नालाल जैन, राकेश गौतम, कैलाश नारायण पुरोहित, शंकर लाल रजक, अजय, सुनील कुामर, रामकुमार, राकेश, संतोष आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने सर्किल रेटों में संशोधन तो किया, जिससे जनपद के अंदर भी कृषि योग्य भूमि के बैनामे होने लगे, लेकिन वार्डों के सर्किल रेटों में बढ़ोतरी से बैनामों में कमी आ रही है।
मुन्नालाल जैन, अध्यक्ष तहसील बार संघ।
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तहसील में आवासीय प्लाटों के दाखिल खारिज करने में हीलाहवाली की जा रही है, इससे वादकारियों को परेशानी हो रही है। लंबित वाद निस्तारण के बाद ही हड़ताल समाप्त होगी।
कैलाश नारायण पुरोहित, अधिवक्ता।