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राजकीय संप्रेक्षण गृह से भागा किशोर बैतूल से गिरफ्तार

Sun, 05 Jul 2015 11:53 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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ललितपुर। राजकीय संप्रेक्षण गृह से भागे किशोर को पुलिस ने मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोर पिछले माह तीन होमगार्डों को चकमा देकर भाग निकला था।
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राजकीय संप्रेक्षण गृह में कार्यरत होमगार्ड संतोष कुमार, संतराम एवं हरनारायण ने नेहरू नगर चौकी इंचार्ज राजबाबू के साथ मध्य प्रदेश के जिला बैतूल थाना मुलताई ग्राम खेरपानी स्थित मकान में दबिश देकर संप्रेक्षण गृह से भागे किशोर को गिरफ्तार कर लिया। किशोर ने पुलिस को बताया कि सात जून की रात होमगार्ड उसे बचा हुआ खाना फेंकने के लिए बाहर लाए थे। इस दौरान एक होमगार्ड के कपड़ों पर सब्जी गिर गई थी, गार्ड कपड़ा साफ करने में जुट गया, तभी वह मौका पाकर भाग निकला था।


उसके भागने की सूचना पर नेहरू नगर चौकी पुलिस ने रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर चेकिंग शुरू कर दी थी। पुलिस को स्टेशन पर देखकर वह पैदल भागते हुए कचहरी चौराहा होते हुए झांसी रोड पर मन्नू पेट्रोल पंप के निकट पहुंच गया था। झांसी की ओर जा रहे एक ट्रक चालक से उसने लिफ्ट ली। ट्रक चालक ने उसे छिंदवाड़ा में उतार दिया था। इसके बाद वह अपने गांव पहुंच गया था। मालूम हो कि किशोर के भागने के बाद सहायक अधीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) रमेश कुमार सिंह ने तीन होमगार्ड के खिलाफ सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एफआइआर दर्ज कराई थी।
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बाक्स
पुलिस ने बनाया अपराधी !
किशोर का आरोप है कि उसे पुलिस ने अपराधी बना दिया है। उसके अनुसार उसके परिजन मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। वह झांसी आकर एक गार्डन में काम करने लगा था। आठ मार्च को वह अपने एक दोस्त के साथ पार्क में खड़ा था, तभी पुलिस वहां आ गई, जिसे देखकर दोस्त भाग गया, जबकि वह खड़ा रहा। पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़कर तलाशी ली, उसकी जेब में मजदूरी के तीन हजार रुपए रखे हुए थे। पुलिस ने रुपए निकालकर अपने पास रख लिए और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज करके संप्रेक्षण गृह भेज दिया।
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संप्रेक्षण गृह में भी उत्पीडन
किशोर का आरोप है कि संप्रेक्षण गृह में तैनात एक गार्ड उसे काफी परेशान करता है। गार्ड उसके साथ बेवजह मारपीट भी कर चुका है।

मां की बीमारी ने बढ़ाई बेचैनी
ललित का कहना है कि पेशी के दौरान उसे मां के बीमार होने की जानकारी मिली थी, तभी से वह बेचैन था और उसने संप्रेक्षण से भागने का इरादा बना लिया था।
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