ललितपुर। पिछले काफी समय से शहजाद बांध के बंध और गेट की गैलरी के पास पानी का सीपेज हो रहा है। समस्या को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग की पांच सदस्यीय टीम बांध का तकनीकी निरीक्षण करने के लिए आई। टीम के जल्द ही जनपद आने की संभावना है।
वर्ष 1973 में तहसील तालबेहट क्षेत्र में शहजाद नदी पर शहजाद बांध का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और यह 1992 में बनकर तैयार हुआ। बांध का पूर्ण जलस्तर 322.00 मीटर है। बांध के पुराना होने से पिछले कुछ समय से इसकी मिट्टी वाले बंध और स्पिल-वे पर बनी गैलरी में सीपेज के जरिए पानी भर रहा है। इसको बंद करने के काफी प्रयास किए गए थे। लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांध के सीपेज को दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों और केंद्रीय जल आयोग को पत्राचार किया था। बृहस्पतिवार को केंद्रीय जल आयोग की पांच सदस्यीय टीम आई। तकनीकी जांच टीम में निदेशक समर्थ अग्रवाल, डिप्टी डायरेक्टर रंधीर कुमार चौधरी, प्रभात कुमार, आमिर सुहैल और वैज्ञानिक ललित कुमार सोलंकी शामिल थे। टीम जनपद स्तर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ शहजाद बांध पहुंची। यहां टीम ने स्पिल-वे की गैलरी में सीपेज के जरिए भरने वाले पानी को देखा और गहनता से निरीक्षण किया। टीम ने शहजाद बांध के मिट्टी से बने पूरे बंध का निरीक्षण किया। करीब चार-पांच घंटे तक टीम ने बांध पर सीपेज को लेकर जांच पड़ताल की। इसके बाद टीम वापस लौट गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय जल आयोग की टीम की रिपोर्ट के आधार पर अब यहां पर तकनीकी टीम दौरा करेगी और सीपेज को बंद करने के उपाए को लेकर कार्ययोजना तैयार करेगी।
बांध पर कई योजनाएं संचालित
शहजाद बांध पर किसानों की फसल सिंचाई के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत करीब 90 करोड़ की लागत से शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना निर्माणाधीन है। इसका काम अंतिम चरणों में पहुंच गया है। वहीं, इस बांध पर जल जीवन मिशन की हर घर नल से जल की बदनपुर पाइप पेयजल योजना निर्माणाधीन है। इस पेयजल परियोजना से 30 गांवों के 7557 नल कनेक्शन देकर 39228 लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
ये भी जानें
- 321.00 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 310.0 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 320.75 मीटर वर्तमान जलस्तर
- 108.74 एमसीएम पानी आरक्षित की क्षमता
- 116.60 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 14403 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई
शहजाद बांध में हो रहे सीपेज औ स्पिल-वे की गैलरी में सीपेज के जरिये भर रहे पानी को लेकर केंद्रीय जल आयोग की पांच सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर सीपेज सुधार का काम कराया जाएगा। - इंजी. नंदराम, सहायक अभियंता राजघाट निर्माण खंड।