ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जूता, मोजा, ड्रेस, बैग के लिए कुछ दिन पूर्व डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि हस्तांतरित की गई थी। अब इस धनराशि के सदुपयोग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन के निर्देश पर बीएसए ने प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यपकों को अभिभावकों से संपर्क कर डीबीटी के रुपयों से बच्चों को सामग्री खरीदने और उन्हें फुल ड्रेस में स्कूल भेजने की बात करेंगे। इसके साथ बच्चों की फुल ड्रेस, बैग के साथ फोटो भी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय है। इन विद्यालयों में करीब 1.65 लाख बच्चे अध्यनरत हैं। बच्चों को स्कूल में ही मिड-डे मील योजना के तहत मध्यांह भोजन खिलाया जाता है। साथ में बच्चों को ड्रेस, जूता, मोजा, बैग व कॉपी-पेंसिल खरीदने के लिए उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये भी शासन की ओर से भेजे जाते हैं।
इस सत्र के लिए अभी हाल में शासन की ओर से डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि हस्तांतरित की गई थी। लेकिन कुछ अभिभावकों के द्वारा बच्चों के लिए भेजी जा रही इस धनराशि का दुरुपयोग करते हुए बच्चों को ड्रेस, जूता, मोजा व बैग न खरीदने की शिकायतें शासन स्तर पर पहुंच रही थी। बच्चों को भेजी जाने वाली इस धनराशि का दुरुपयोग रोकने के लिए शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को स्कूली बच्चों के अभिभावकों से बातचीत करेंगे। जिसमें वह अभिभावकों से डीबीटी की धनराशि से बच्चों के लिए सामग्री खरीदने और बच्चों को फुल ड्रेस में स्कूल भेजने की बात करेंगे। इसके साथ बच्चों की फुल ड्रेस, बैग के साथ फोटो भी अपलोड करेंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके द्वारा पत्र भेज दिया गया है। साथ में मां समूह, स्वयं सहायता समूह और अन्य गैर सरकारी संगठन के लोग प्रतिदिन स्कूली बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर डीबीटी की धनराशि का उपयोग बच्चों की ड्रेस, जूता, मोजा, बैग और पेन-पेंसिल खरीदने की बात के साथ साथ बच्चों को फुल ड्रेस में स्कूल भेजने की बात करेंगे।