ललितपुर। नौकरी में बने रहने के लिए टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद ललितपुर ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को टीईटी से दूर रखने की मांग की गई।
संगठन के बैनर तले भारी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर मनीष विश्वकर्मा को दिया। कहा कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक, शिक्षिकाओं के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं होनी चाहिए। बीएड, बीपीएड, इंटरमीडिएट उत्तीर्ण व स्नातक में 50 फीसदी से कम अंक वाले शिक्षक टीईटी के लिए आवेदन ही नहीं कर सकते। यह भी कहा गया कि सेवा नियमावली के अनुसार शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति की गई थी। ज्ञापन में सरकार की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की मांग की गई।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय ताम्रकार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से शिक्षक अपनी सेवा को लेकर डरे हैं। जिलामंत्री शकुंतला कुशवाहा ने कहा कि शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं दी हैं, अब उन्हें परीक्षा के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। जिला कोषाध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा भर्ती के लिए है, न कि जो सेवा में है उसे बनाए रखने के लिए। इस दौरान अरुण निरंजन, प्रशांत राजपूत, सत्येंद्र जैन, इंदर सिंह पटेल, परशुराम निरंजन, हरिनारायण चौबे, विनय रजक आदि मौजूद रहे।