शिक्षकों की गोपनीय आख्या तैयार कराने के आदेश के विरोध में हाथ में काली पट्टी बांधे शिक्षक
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ललितपुर। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने गोपनीय आख्या अंकन की नियमावली का विरोध करने के लिए हाथ में काली पट्टी बांधकर विद्यालय में शैक्षिक कार्य आरंभ कर दिया है।
नीरज चतुर्वेदी जिलाध्यक्ष ने बताया कि संगठन ने यह निर्णय लिया है कि 5 मार्च तक प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षक हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश द्वारा जो नियम तैयार किए हैं, वह शिक्षकों को स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षा मित्रों तथा अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने, प्रत्येक विद्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी एवं एक लिपिक की नियुक्ति किये जाने, प्रदेश के शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, बेसिक शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किए जाने तथा अन्य कर्मचारियों की तरह बेसिक शिक्षकों को पूरे सेवा काल कम से कम तीन पदोन्नति का लाभ देने जैसी तर्कसंगत मांगे हैं। नारायण दास जिला महामंत्री ने कहा कि 21 सूत्रीय मांगों का मांग पत्र जो कि 17 फरवरी को प्रदेश के प्रत्येक जिले से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया था लेकिन खेद का विषय है कि शासन स्तर पर मांग पत्र अभी कोई विचार नहीं किया गया है। जिस कारण विरोध के लिए मजबूर होना पड़ा है।