ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में अब बिना किसी मान्यता के संगठन चलाना आसान नहीं होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी संगठनों के पदाधिकारियों से मान्यता के कागजात दिखाने को कहा है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेेशक एवं प्रशिक्षुओं ने अपने- अपने संगठन बना लिए हैं। कई संगठनों की मान्यता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा में है। एक संगठन दूसरे को अमान्य बता रहा है। वहीं, दूसरे ने अपनी मान्यता संबंधी कागजात दिखाकर संबंधित अधिकारी को संतुष्ट कर दिया है। इसके बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। इससे निपटने के उद्देश्य से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने सभी संगठनों के पदाधिकारियों को मान्यता संबंधी कागजात दिखाने को कहा है।
उन्होंने कहा कि अब जिले में कोई भी अमान्य संगठन संचालित नहीं होगा। यदि शासनादेश के अनुरूप मान्यता संबंधी कागजात नहीं पाए जाएंगे, तो उन्हें अमान्य संगठन मानते हुए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बीएसए के सख्त रुख से विभिन्न संगठनों में खलबली मच गई है। उन्होंने मान्यता संबंधी कागजात इकट्ठे करने से शुरू कर दिए हैं।
एक को नोटिस देने से घिर गए बीएसए
इस समय जिले में संगठनों की बाढ़ सी आ गई है। प्रमुख संगठनों में धड़ेबाजी से मामला पेचीदा हो गया है। इसका अनुचित लाभ उठाकर कुछ लोग अपनी नेतागिरी चमकाने में लगे हैं। बीते दिनों बीएसए ने दलित ग्रुप को नोटिस दिया तो वह इस मामले में घिर गए हैं। शिक्षक नेताओं का कहना है कि बीएसए को एक साथ सभी अमान्य संगठनों को नोटिस देने थे। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया।
इतने संगठनों की इकाई
प्राथमिक शिक्षक संघ की दो इकाई, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की दो इकाई, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की एक इकाई, अनुदेशक संघ की दो इकाई, शिक्षा मित्रों की तीन इकाई व प्रशिक्षु की एक इकाई काम कर रही है। इस तरह करीब एक दर्जन संगठन अस्तित्व में हैं।