झांसी मंडल के मंडलायुक्त ने बाहरी जनपदों से स्थानांतरित होकर आए परिषदीय अध्यापकों की तैनाती में गड़बड़ी की शिकायत पर सभी तरह के स्थानांतरण पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों का कोई भी स्थानांतरण बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से नहीं किया जाएगा।
बीते माह में शासन की ओर से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इस दौरान दर्जनों अध्यापकों को गृह जनपद जाने का मौका मिला। लेकिन, उनकी तैनाती में गड़बड़ियां बरती जा रही हैं। इस तरह की शिकायतें मंडलायुक्त झांसी के राम मोहन राव के समक्ष पहुंची। जिस पर उन्होंने शिक्षकों के तबादले पर रोक लगा दी है। उन्होंने झांसी मंडल के जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि संज्ञान में आया है कि कई अध्यापक बाहरी जनपदों से स्थानांतरित होकर मंडल के जनपदों में आए हैं। उनकी तैनाती में बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ अध्यापकों को आसपास के विद्यालयों में समायोजित कर उन्हें उपकृत किया जा रहा है। अब बेसिक शिक्षा स्तर से किसी भी अध्यापक का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। सभी अध्यापकों के स्थानांतरण/समायोजन मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव प्राप्त कर जिलाधिकारी द्वारा किए जाएंगे। मंडलायुक्त के सख्त रुख से बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय का कहना है कि इस प्रकार का जनपद में कोई भी मामला नहीं है। मंडलायुक्त के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।