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Lalitpur News: टीबी के मरीजों को एक साल से नहीं हो सका पोषण भत्ते का भुगतान

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पोषण भत्ता पाने वाले 4000 से ज्यादा रोगी प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में क्षय रोगियों को स्वस्थ करने की योजना कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। एक वर्ष से मरीजों को पोषण भत्ता नहीं मिल पाया है। ऐसे में चार हजार से अधिक रोगी पोषण भत्ता का इंतजार कर रहे हैं। भत्ता के अभाव में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को पौष्टिक आहार की व्यवस्था करना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में मरीजों के स्वस्थ होने पर भी संकट बना हुआ है।
क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निक्षय योजना से टीबी रोगियों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। इस राशि से मरीजों चिकित्सीय परामर्श के अनुसार भोजन करते थे। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक बढ़ जाती थी। लेकिन पिछले एक वर्ष से यह राशि मरीजों के खातों में नहीं पहुंच रही है और मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार टीबी की दवा का कोर्स छह से नौ माह तक चलता है। चिकित्सकों का कहना है कि दवा से ही टीबी की बीमारी पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सकता। मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार भी जरूरी है।

-डीबीटी का पोर्टल अपडेट होने से बढ़ी समस्या
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डीबीटी करने वाले एप को अपडेट किया गया है। नए एप के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि भेजी जाना है। इसके लिए आधार और फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसमें कई तकनीकि कमियों के चलते मरीजों के सत्यापन में समस्या हो रही है। कुछ के मोबाइल नंबर बदल गए तो कई लोगों के आधार भी अपडेट नहीं है। ऐसे में भुगतान भी अटका हुआ है।
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4050 मरीजों का अटका पोषण भत्ता
जनपद में वर्तमान में 2034 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। यह मरीज जनवरी 2026 से 25 जुलाई तक के हैं। पोषण भत्ता बीते वर्ष जुलाई माह से नहीं दिया गया है। इससे पिछले वर्ष के लगभग 2000 मरीज पोषण भत्ता की राह देख रहे हैं। वहीं इस वर्ष के 2034 मरीज को भी भत्ता का इंतजार है। इस तरह से 4050 टीबी रोगियों का पोषण भत्ता अटका हुआ है।

टीबी मरीजों का डाटा निक्षय पोर्टल उपलब्ध है। सीधे मरीज के खाते में आती है। सिस्टम अपडेट होने से भुगतान में देरी हो रही है।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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