ललितपुर। तत्काल टिकटों की बुकिंग पर दलालों ने अपना कब्जा जमा लिया है। अधिकांश यात्री घंटों लाइन में लगे रहने के बाद भी तत्काल टिकट नहीं ले पा रहे हैं। वहीं दलालों से संपर्क करने पर डेढ़ से दो गुना कीमतों पर उन्हें टिकट उपलब्ध करा दिए जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए न तो रेलवे का कोई अधिकारी सक्रिय दिख रहा है और न ही सुरक्षा तंत्र। कोविड- 19 स्पेशल ट्रेनों में यहां से गुजरने वाली पांच जोड़ी ट्रेनें वाराणसी/ दरभंगा- अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन- छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पुष्पक एक्सप्रेस, गोरखपुर- लोकमान्य तिलक टर्मिनल कुशीनगर एक्सप्रेस तथा जबलपुर- हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस हैं। इन ट्रेनों में एक सप्ताह तक जनरल आरक्षण और रविवार तक तत्काल आरक्षण उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक ललितपुर जीडी वर्मा ने बताया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। इस संबंध में वाणिज्य विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं ।
कोरोना महामारी में ट्रेनों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। लोगों के आवागमन को सुचारु करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 13 मई से 10 जोड़ी कोविड-19 स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया। बाद में एक जून से 100 जोड़ी अन्य कोविड- 19 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन रेल मंत्रालय के निर्देश पर शुरू किया गया। शुरूआत में कुछ दिनों तक तो सबकुछ ठीक चला लेकिन वर्तमान में तत्काल टिकटों के लिए दलालों ने अपना खेल फिर शुरू कर दिया है। काउंटर पर खड़े मुंबई जाने के लिए तालाबपुरा निवासी अतहर, मुख्य बाजार निवासी विपिन, अहमदाबाद जाने के लिए आजादपुरा निवासी नवनीत ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी तत्काल टिकट नहीं मिल पा रहा है। वहीं दलालों से संपर्क करने पर वहीं टिकट डेढ़ से दो गुना कीमतों में उपलब्ध करा दिए जा रहे हैं।
कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार के निर्देश पर बीते 25 मार्च से सभी सड़क, रेल और वायु परिवहन बंद कर दिया था ताकि संक्रमण को रोका जा सके। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 110 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। पहले इसमें शर्त थी कि टिकटों की बुकिंग सामान्य सीटों की अपेक्षा केवल 50 प्रतिशत ही बुक की जाएं लेकिन वर्तमान में इन नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा है। सभी ट्रेनें पूरी भरी हुई जा रही हैं, चाहे एसी बोगी हो या स्लीपर या फिर जनरल आरक्षित बोगी।
तत्काल आरक्षण की स्थिति विभिन्न ट्रेनों में सीटों के आधार पर अलग-अलग रहती है। कुछ ट्रेनों में तत्काल आरक्षण में वेटिंग की स्थिति देखने को मिल रही है। कहीं भी दलालों के सक्रिय होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो आकस्मिक जांच कराई जाएगी। नई ट्रेनों के संचालन का निर्णय रेल मंत्रालय के अनुसार ही किया जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे झांसी।
ऐसे करते हैं दलाल टिकट बुक
दलाल यात्री से बातचीत हो जाने के बाद अपनी पर्सनल आईडी पर एक साथ कई सिस्टम पर कई फार्म कुछ मिनट पहले ही भर लेते हैं। काउंटर खुलते ही तुरंत प्रिंट के लिए बटन दबा देते हैं और उनके टिकट निकल आते हैं। जबकि एजेंटों को तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा रेलवे काउंटर शुरू होने के एक घंटे बाद मिलती है।