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Lalitpur News: दुष्कर्म के दोषी तांत्रिक को आजीवन कारावास

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दुष्कर्म के दोषी तांत्रिक को आजीवन कारावास
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कोर्ट ने 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जुर्माने की राशि में से 20 हजार पीड़िता को देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महिला से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए तांत्रिक इंद्रपाल को अपर सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) विकास कुमार की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश भी दिया है।
थाना मड़ावरा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 21 मई 2022 को थाना नाराहट में तहरीर देकर बताया था कि उसकी पत्नी संतानहीनता की समस्या के कारण नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोरना स्थित अवार माता मंदिर में पूजा कराने जाती थी। वहां तांत्रिक इद्रपाल सिंह पूजा पाठ करता था। 27 अप्रैल 2022 की रात करीब नौ बजे तांत्रिक ने महिला को बहाने से मंदिर से दूर मेड़े पर ले जाकर दुष्कर्म किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। भय के कारण महिला ने घटना की जानकारी तत्काल अपने पति को नहीं दी।
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इसके बाद तांत्रिक ने 18 और 20 मई को महिला को फोन कर दोबारा बुलाने की कोशिश की। संदेह होने पर महिला का पति और परिजन भी उसके साथ मंदिर पहुंचे। इसी दौरान तांत्रिक ने महिला को फिर से पूजा के बहाने दूर ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद उसके परिजन मौके पर पहुंच गए।
तांत्रिक ने अपने साथियों को बुलाकर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ मारपीट भी की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस मामले में नाराहट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने तांत्रिक इंद्रपाल को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की दलील

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने कहा कि न्यायालय ने इस अपराध को अत्यंत गंभीर माना है। यह फैसला समाज में फैली कुरीतियों और धर्म के नाम पर हो रहे शोषण पर अंकुश लगाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो धर्म की आड़ में महिलाओं का शोषण करते हैं, उनके लिए यह निर्णय एक सख्त संदेश है।
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