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Lalitpur News: कई दशक से ले रहे कच्चा पानी, पर अब तक नहीं दी फूटी कौड़ी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। वर्षों से विभिन्न पेयजल योजनाओं के लिए कच्चा पानी लेने के बाद भी जलकर न देने पर सिंचाई विभाग ने जल संस्थान से 12 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा है। जल संस्थान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए गोविंद सागर बांध, शहजाद बांध, बांसी नदी, बार तालाब से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में कच्चा पानी लेता है।
शहजाद नदी पर वर्ष 1952 में बना गोविंद सागर बांध किसानों के साथ शहर के लोगों के लिए जीवनदायी है। बांध में संरक्षित पानी से शहर में 14800 नल कनेक्शन के जरिये करीब 70 हजार लोगों की प्यास बुझ रही है। पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान गोविंद सागर बांध से 31 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) कच्चा पानी लेता है, जोकि पाइप लाइन से डोंडाघाट पहुंचता है। यहां कच्चे पानी को शोधित कर छोटी पाइप लाइनों से लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है।
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गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी लेने के एवज में जलकर के रूप में 12.48 प्रति क्यूबिक फीट के हिसाब से सिंचाई विभाग को अदा करने की व्यवस्था है। जल संस्थान ने गोविंद सागर बांध से वर्ष 1978 से 1985 तक आठ एमएलडी पानी लिया था। इसके बाद जल संस्थान 1985 से 2011 तक 21 एमएलडी पानी लेता रहा। एक अप्रैल 2011 से 14 जून 2011 तक 31 एमएलडी पानी लिया गया। इसके बाद 15 जुलाई 2011 से 31 मार्च 2025 तक 31 एमएलडी पानी जल संस्थान गोविंद सागर बांध से लेता रहा। लेकिन, इन 47 वर्षों में जल संस्थान ने सिंचाई विभाग को जलकर के रूप में एक रुपया भी नहीं दिया। सिंचाई विभाग का जल संस्थान पर 9,29,66,737 रुपये बकाया चल रहा है।
वहीं, शहर की नेहरू नगर पाइप पेयजल परियोजना के लिए अक्तूबर 2023 से 12 एमएलडी कच्चा पानी लिया जा रहा है। इस योजना से 6440 नल कनेक्शन के जरिये करीब 24 हजार लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। लेकिन, इस पानी का जलकर जोकि 28,87670 रुपया है, वह भी नहीं दिया जा रहा है। अब सिंचाई विभाग ने जल संस्थान को पत्राचार कर बकाया चल रही धनराशि का भुगतान करने को कहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति के लिए बार तालाब से लिया जाता है पानी
बार क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने के लिए जल संस्थान कस्बा बार स्थित सिंचाई विभाग के प्राचीन तालाब से 0.422 एमएलडी पानी जुलाई 2011 से ले रहा है। लेकिन, जलकर का भुगतान नहीं कर रहा है। यह बकाया अब 9,29942 रुपया हो चुका है। इसका भी भुगतान करने की मांग सिंचाई विभाग ने की है।
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हर्षपुर योजना को दिए जा रहे कच्चे पानी का भुगतान बाकी
कस्बा बांसी क्षेत्र के आसपास के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए शहजाद बांध से बांसी-हर्षपुर पाइप पेयजल योजना की खातिर छह एमएलडी कच्चा पानी जल संस्थान लेता है। बांसी-हर्षपुर पाइप पेयजल परियोजना से आठ हजार नल कनेक्शन कर करीब 50 हजार लोगों को लाभान्वित किया जाता है। वर्ष 2018 से मार्च 2025 तक शहजाद बांध से कच्चा पानी लेने का करीब 67,56409 रुपये का भुगतान शेष चल रहा है।

मथुरा-सेमराडांग और बदनपुर परियोजना के लिए कच्चा पानी लिया, जलकर नहीं दिया
बांसी नदी से मथुरा-सेमराडांग पाइप पेयजल परियोजना के लिए 1.70 एमएलडी कच्चा पानी 1992 से जल संस्थान ले रहा है। लेकिन, जलकर सिंचाई विभाग को नहीं दे रहा है। इस योजना के लिए दिए कच्चे पानी का जलकर के रूप में 13,890745 रुपये बकाया चल रहा है। साथ ही बदनपुर पाइप पेयजल योजना के लिए भी वर्ष 2022 से छह एमएलडी कच्चा पानी लिया जा रहा है, लेकिन जलकर नहीं दिया जा रहा है। इस योजना का जल संस्थान पर 28,95603 रुपये बकाया है।
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पूर्व में था 3.12 प्रति क्यूबिक फीट रुपया, अब 12.48 रुपये प्रति क्यूबिक फीट
कच्चा पानी लेने के लिए जल संस्थान को रायल्टी नहीं देनी पड़ती। लेकिन, निर्धारित किया गया जलकर का भुगतान करना होता है। वर्ष 2011 से पूर्व यह जलकर 3.12 प्रति क्यूबिक फीट था, जो वर्ष 2011 में बढ़कर 12.48 प्रति क्यूबिक फीट निर्धारित हो गया था।
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जल संस्थान गोविंद सागर बांध, शहजाद बांध, बांसी नदी, बार तालाब से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में कच्चा पानी लेता है। जलकर के रूप में करीब 12 करोड़ रुपये जल संस्थान पर बकाया है। बकाया धनराशि का भुगतान करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।
शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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