फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: पुलिस की ज्यादती का संज्ञान लेकर मुख्य सचिव-डीजीपी को दिया था नोटिस

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ललितपुर। आज मंगलवार को मानवाधिकार दिवस है। पुलिस की ज्यादती का मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर तत्कालीन मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया था। ये दोनों ही प्रकरण वर्ष 2022 के हैं। एक प्रकरण में एक महिला दरोगा व सिपाही ने चोरी के शक में अपनी घरेलू नौकरानी व उसके पति से मारपीट की थी। दूसरे प्रकरण में दुष्कर्म की शिकायत लेकर थाने आई नाबालिग से तत्कालीन थाना प्रभारी पर दुष्कर्म का आरोप था। मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की थी।
0000
केस नंबर एक
महरौनी थाने में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक पारुल चंदेल व सिपाही अंशू पटेल पर आरोप था कि उन्होंने चोरी के शक में अंशू के घर काम करने वाली सहायिका को पहले घर में निर्वस्त्र कर पीटा। फिर थाने लाकर उत्पीड़न किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए तत्कालीन मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी।
विज्ञापन


केस नंबर दो
थाना पाली परिसर स्थित कमरे में किशोरी से तत्कालीन थानेदार द्वारा दुष्कर्म कांड की गूंज लखनऊ से दिल्ली तक सुनी गई थी। तीन मई 2022 को थाना पाली परिसर के एक कमरे में 13 वर्षीय किशोरी से थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज पर दुष्कर्म का आरोप लगा था। पीड़िता सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। थानाध्यक्ष समेत आरोपी चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया एवं पीड़िता की मौसी के खिलाफ तीन मई को थाना पाली में ही धारा 363, 376बी, 120बी, 3/4 पॉक्सो एक्ट एवं एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। मामला जब बढ़ा तो शासन ने एसआईटी का गठन करते हुए पूरी जांच डीआईजी झांसी जोगेंद्र सिंह को सौंपी थी और एडीजी भानुभाष्कर ने थाने के 29 कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया था। मानवाधिकार आयोग ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी से पूछा था कि आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और पीड़िता को राहत देने के संबंध में क्या कदम उठाए गए।
विज्ञापन


महरौनी व पाली थाना परिसर के दो मामलों में मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक नोटिस जारी किया था। इसके बाद उन्हें आर्थिक मदद भी दिलाई गई थी।-पुष्पेंद्र सिंह चौहान, पैनल अधिवक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें