ललितपुर। जनपद में स्वास्थ्य महकमा स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हो गया है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन की छठी मंजिल पर एक विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है, जहां मरीजों के लिए आवश्यक संसाधन, दवाइयां और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर तैनात चिकित्सकों को संभावित मरीज मिलने की स्थिति में उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में जनपद में स्वाइन फ्लू का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्थाएं:
शासन के निर्देशानुसार, स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू से बचाव और उपचार के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेडिकल कॉलेज के नए 300 बेड वाले भवन की छठी मंजिल पर बने आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन, अन्य आवश्यक उपकरण, पीपीई किट, मास्क और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं। लक्षण दिखने पर संभावित मरीज का सैंपल लेकर जांच की जाएगी।
नियुक्त किए गए विशेष स्टाफ:
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड के साथ-साथ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इन कर्मचारियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है। मरीजों की स्थिति के आधार पर उन्हें ए, बी और सी श्रेणी में बांटकर उपचार प्रदान किया जाएगा।
सीएचसी पर भी जारी किया गया अलर्ट:
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने स्वाइन फ्लू को लेकर सीएचसी के चिकित्सकों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें एंबुलेंस द्वारा तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा, जहां उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
स्वाइन फ्लू (H1N1) के लक्षण:
तेज बुखार के साथ सर्दी
लगातार सूखी खांसी
गले में खराश और नाक बहना
मांसपेशियों में तेज दर्द
सिरदर्द और थकान
उल्टी और दस्त
सांस लेने में कठिनाई
सीने में दर्द
होंठों का नीला पड़ना
बच्चों का पानी न पीना
बचाव के उपाय:
हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करें।
खांसते या छींकते समय टिश्यू पेपर का उपयोग करें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
मास्क पहनें और बीमार व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें।
बिना हाथ धोए चेहरे को न छुएं।
पर्याप्त मात्रा में पानी, फल और सब्जियों का सेवन करें।
किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। स्टाफ की भी नियुक्ति की गई है।
डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
स्वाइन फ्लू की संभावना को लेकर तैयारियां कर ली गई है। हालांकि अभी तक कोई मरीज चिह्नित नहीं किया गया है।
डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज