ललितपुर। एक सप्ताह में संदिग्ध बीमारी से दूसरी मौत की खबर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को कस्बे के मोहल्ला तालाबपुरा पहुंचकर मृतक महिला की इलाज के दौरान कराई गई जांच रिपोर्ट चेक की। वहीं, परिजनों का कहना है कि झांसी के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया की मरीज की मौत स्वाइन फ्लू की बीमारी के कारण हुई है। शहर में स्वाइन फ्लू से होने वाली संदिग्ध मौतों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि विभाग ने अब तक दोनोें घटनाओं में मौत का कारण स्वाइन फ्लू की वजह से होने से साफ इंकार किया है।
संक्रामक और वायरल बीमारियां शहर में धीरे-धीरे पांव पसार रही हैं। एक सप्ताह में दो लोगों की कई दिनों इलाज कराने के बाद भी मौत हो गई है। जबकि उनकी बीमारी की स्पष्ट वजह सामने नहीं नहीं आई है।
तालाबपुरा निवासी रामसेवक साहू की 48 वर्षीय पत्नी रामसखी की मौत बृहस्पतिवार की सुबह झांसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत को गई। परिजनों का कहना है कि उस अस्पताल के चिकित्सक उसकी मौत स्वाइन फ्लू से होना बता रहे है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग को जैसे ही पता चली, स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टर देशराज सिंह दोहरे और डॉ. राजेश भारती की टीम को गठित कर खबर की सही जानकारी की पुष्टि के लिए मौके पर भेजा गया। जहां स्वास्थ्य टीम ने मृतका रामसखी के परिजनों से मौत और बीमारी के कारणों की जानकारी जुटाई। टीम को मृतका के परिजनों द्वारा बताया गया कि रामसखी को 10 अगस्त को ठंड के साथ बुखार आया, जिस पर उन्होंने एक लैब पर इसकी जांच कराई, जांच में मलेरिया पाया गया। इस पर रामसखी का तीन दिन तक प्राथमिक स्तर पर इलाज चला। जब उपचार के दौरान उसे लाभ नहीं मिला तो वह उसे लेकर झांसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने रामसखी को स्वाइन फ्लू के लक्षण होना बताया। यह भी बताया कि चिकित्सकों द्वारा स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए दिल्ली में जांच कराई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू होने का दावा किया गया। टीम ने परिजनों से दिल्ली से आई जांच रिपोर्ट मांगी तो परिजनों ने बताया कि वह रिपोर्ट अस्पताल के चिकित्सकों ने नहीं दी। जिस पर विभाग की टीम ने सही जानकारी के लिए झांसी के उस निजी अस्पताल से संपर्क किया। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही तालाबपुरा मोहल्ले में ही रमेश कुुमार श्रीवास्तव की भी स्वाइन फ्लू से संदिग्ध मौत होने की बात सामने आई थी। हालांकि इसकी जांच नहीं हो सकी थी। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बिना स्वाइन शहर में फैलने से इंकार कर रहा है।
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दिल्ली से आई थी जांच रिपोर्ट
तीन दिन तक इलाज कराने के बाद भी जब मलेरिया से लाभ नहीं हुआ तो रामसखी को बेहतर इलाज के लिए झांसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने रामसखी में स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर दिल्ली में इसकी जांच भेजी और बुधवार को जांच रिपोर्ट आने पर स्वाइन फ्लू होने का दावा किया। बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे उपचार में लाभ नहीं मिलने पर उनकी मृत्यु हो गई।
रामसेवक साहू (मृतका का पति)।
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जांच रिपोर्ट में पुष्टि नहीं
मृतका के परिजनों के पास स्वाइन के इलाज संबंधी कोई जांच रिपोर्ट नहीं है, जिसके चलते स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हो सकी है।
डा. प्रताप सिंह, सीएमओ