ललितपुर। नजदीक आते होली के पर्व के मद्देनजर बाजार में दुकानों पर रंग और पिचकारियों के साथ-साथ मिठाइयों की दुकानों पर भी रौनक आ गई है। घरों में भी मावा तैयार किया जाने लगा है। मांग बढ़ने से मावा के दामों में भी उछाल आने लगा है।
होली को लेकर लोगों में है। इस पर्व में लोग आपसी वैर भाव को खत्म करने के लिए एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं। रंग-गुलाल लगाने के साथ ही मिठाई व अन्य पकवान बनाने की परंपरा रही है। इस त्योहार के बाद लोग मांगलिक कार्यों की शुरुआत करते हैं। इसलिए इस दिन का सभी लोग इंतजार करते हैं। इससे जैसे-जैसे होली का पर्व नजदीक आ रहा है, तैयारियां भी जोरों से होने लगीं हैं।
होली पर्व के साथ भाई दूज के त्योहार को लेकर दुकानों में मिठाई बनने का कार्य तेज हो गया है। त्योहार को लेकर मावा की डिमांड बढ़ गई है। जहां सामान्य दिनों में मावा 160 रुपये प्रतिकिलो की दर से मिलता था, मांग बढ़ऩे से इसके दामों में 25 प्रतिशत का इजाफा हो गया है और दो सौ रुपये तक मिलने लगा है। दुकानों में बूंदी के लड्डू, मोतीचूर, मावा बर्फी, काजू बर्फी, काला जाम, रसभरी गुझिया अनेक प्रकार की मिठाइंयां तैयार हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश परिवार शुद्घ मावा को घरों में ही बनाकर मिठाई बना रहे हैं।
त्योहार को लेकर मावा के रेट में हल्की तेजी आ जाती है। मिठाई बनाते समय शुद्घता का विशेष ध्यान दिया गया है। भाई दूज पर अधिक बिक्री होती है।
- प्रवीण जैन, नीलकमल स्वीट्स
मावा के दाम एक- दो दिन में और बढ़ऩे की संभावना है। सफेद मावा के सापेक्ष देशी मावा की अधिक मांग रहती है।
- मनोज कुमार मावा विक्रेता
त्योहार को लेकर मिठाई बनाने की तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। होली के अलावा भाई दूज पर मिठाई की मांग अधिक हो जाती है।
-चंदन ग्वाला, शिवशंकर स्वीट्स